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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शशि थरूर के बयान से कांग्रेस ने किया किनारा

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Updated: Thu, 05 Jun 2014 05:03 PM (IST)

नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता शशि थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना को उनका व्यक्तिगत मामला बताते हुए कांग्रेस ने गुरुवार को उससे पल्ला झ ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता शशि थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना को उनका व्यक्तिगत मामला बताते हुए कांग्रेस ने गुरुवार को उससे पल्ला झाड़ लिया है। बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता शशि थरूर ने आश्चर्यजनक ढंग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि नये प्रधानमंत्री के सबको साथ लेकर चलने की बात पर ध्यान नहीं देने के लिए विपक्ष को कंजूस माना जाएगा।

कांग्रेस ने बुधवार को राजग सरकार से कहा कि वह समान नागरिक संहिता, संविधान के अनुच्छेद -370 को समाप्त करने और राम मंदिर जैसे बहुत संवेदनशील मुद्दों को फिर से न खोलें।

थरूर ने केंद्र सरकार को असम में घुसपैठ के मुद्दे से भी बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस समस्या को डंडे के जोर पर नहीं हल किया जा सकता। इसमें मानव जीवन दांव पर लगा हैं। संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम लोगों का स्पष्ट तौर पर मानना है कि देश के बहुत संवेदनशील मुद्दों को उठाने के लिए यह उचित समय नही है। थरूर से भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए कहा गया था जिसमें काटजू ने कहा है कि समान नागरिक संहिता हर हाल में लागू हो।

नेता प्रतिपक्ष का पदभार संभालने से राहुल गांधी के परहेज का बचाव करते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी केवल 44 सीटों पर सिमट गई है फिर भी जब भी राजनीतिक कार्रवाई की बात होगी आप हमें वहंा देखेंगे। उन्होंने राहुल गांधी के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की कठिन जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करने की यह कहते हुए बचाव किया कि उनकी जिम्मेदारी कांग्रेस को फिर से सामने लाने की है। कांग्रेस सिर्फ संसद तक नहीं रहेगी बल्कि पूरे देश में संघर्ष करेगी।

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