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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस दिल्ली से शुरू करेगी हार की समीक्षा

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Updated: Sat, 21 Jun 2014 12:06 PM (IST)

लोकसभा चुनाव में अब तक की सबसे बड़ी हार से पस्त कांग्रेस शनिवार से इसकी समीक्षा करेगी। शुरुआत राजधानी दिल्ली से होगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। लोकसभा चुनाव में अब तक की सबसे बड़ी हार से पस्त कांग्रेस शनिवार से इसकी समीक्षा करेगी। शुरुआत राजधानी दिल्ली से होगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अध्यक्षता में समिति बनाकर समीक्षा का काम शुरू कर दिया है। दिल्ली में पराजित हुए सभी सातों उम्मीदवार समिति के सामने अपनी राय रखेंगे। आने वाले दिनों में एंटनी अन्य राज्यों के अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ भी बैठक करेंगे। बजट सत्र से पहले ही समिति अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपेगी और उसके बाद पार्टी संगठन व कई राज्यों के नेतृत्व में बदलाव हो सकता है।

एक महीने की चुप्पी के बाद सोनिया ने अब आगे की राह तैयार करने का निर्णय लिया है। शनिवार को अजय माकन, कपिल सिब्बल समेत दिल्ली के सभी सातों उम्मीदवार समिति के सामने प्रस्तुत होकर हार का कारण बताएंगे। उनकी राय जानने के बाद समिति इसकी समीक्षा करेगी कि सभी सातों सीटों पर हार तो हार तीसरे नंबर पर आने का कारण क्या रहा? एंटनी के साथ महासचिव मुकुल वासनिक भी समीक्षा बैठक में मौजूद होंगे।

दिल्ली के बाद कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों, प्रदेश अध्यक्षों, प्रभारियों और अन्य नेताओं से भी मशविरा होगा। माना जा रहा है कि संगठन से लेकर प्रदेश सरकारों तक में बदलाव का आधार यहीं से तैयार होगा। बताते हैं कि कांग्रेस महाराष्ट्र, हरियाणा और असम में मुख्यमंत्री बदल सकती है। तकरीबन एक दर्जन राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष भी बदले जा सकते हैं। महाराष्ट्र में जहां कांग्रेस अब तक के निचले स्तर पर है, वहीं उत्तर प्रदेश में सिर्फ सोनिया और राहुल ही जीत पाए। हरियाणा और महाराष्ट्र में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं। लिहाजा कांग्रेस समय रहते स्थिति थोड़ा दुरुस्त करना चाहती है।

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