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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

99वें दिन भी कश्मीर बंद, शोपियां में हिंसा के दौरान 38 सुरक्षाकर्मियों समेत 60 जख्मी

By kishor joshiEdited By:
Updated: Sat, 15 Oct 2016 08:17 PM (IST)

घाटी में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों से लगातार 99वें दिन भी आम जनजीवन प्रभावित रहा।

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श्रीनगर (राज्य ब्यूरो)। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शनिवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 38 सुरक्षाकर्मियों समेत 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पुलिस के चार वाहनों समेत एक दर्जन वाहनों को हिंसक भीड़ ने क्षति पहुंचाई।

इस बीच वादी में 99वें दिन भी सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। पूरा दिन वादी के हर कस्बे और शहर में बंद का असर नजर आया। दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान बंद रहे। सरकारी कार्यालय खुले थे और उनमें कामकाज लगभग सामान्य गति से हुआ। वादी में किसी भी जगह प्रशासन ने कफ्र्यू नहीं रखा था।

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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शोपियां जिले के उरपोरा-नागबल में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलते ही सुबह पुलिस व अर्धसैनिक बलों ने तलाशी अभियान चलाया। इसकी सूचना मिलते ही न सिर्फ उरपोरा बल्कि नागबल, शोपियां और उससे सटे अन्य इलाकों से भी लोग उत्तेजक नारेबाजी करते हुए उरपोरा में जमा हो गए। उन्होंने सुरक्षाबलों की घेराबंदी करते हुए पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को भांपते हुए सुरक्षाबलों ने घेराबंदी उठाते हुए जैसे ही अपने शिविरों की तरफ लौटना शुरू किया तो भीड़ ने उनके वाहनों को चारों तरफ से घेरते हुए हमला बोल दिया। भीड़ ने कई पुलिसकर्मियों को पकड़कर पीटा भी।

स्थिति को बेकाबू होते देख सुरक्षाबलों ने भी आंसू गैस और लाठियों का सहारा लिया। इस दौरान पुलिस ने कथित तौर पर हवाई फायरिंग का भी सहारा लिया, लेकिन आधिकारिक तौर पर फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। दोपहर बाद ही पूरे इलाके में ¨हसक प्रदर्शनों पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सीआरपीएफ व पुलिस के 38 जवानों व अधिकारियों समेत 60 से ज्यादा लोग जख्मी हो चुके थे।

गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में गत आठ जुलाई को आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से ही अलगाववादी खेमे ने सिलसिलेवार बंद का सिलसिला जारी रखा हुआ है। अलगाववादियों ने फिलहाल 20 अक्टूबर तक बंद का आह्वान किया है।

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