बेंगलुरु में सीजेपी का जोरदार प्रदर्शन, सीईसी के इस्तीफे और SIR रद करने की मांग
बेंगलुरु में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने फ्रीडम पार्क में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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सीजेपी ने बेंगलुरु में मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ प्रदर्शन किया

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता प्रकाश राज ने गुरुवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन किया।
नागरिक समाज संगठनों और काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आयोजित प्रदर्शन को ‘जनता की अदालत’ नाम दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया रद करने की मांग की।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास: दीपके
दीपके ने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाकर भाजपा विरोधी मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चुनाव आयोग पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, देशभर में 13 करोड़ और कर्नाटक में करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
70 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए: राठी
उन्होंने दावा किया कि सूची से हटाए गए कुछ लोग प्रदर्शन में मौजूद होकर अपने जीवित होने का प्रमाण दे रहे हैं। ध्रुव राठी ने निर्वाचन आयोग पर एसआइआर प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का आरोप लगाया।
राठी ने दावा किया कि बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले करीब 70 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए और चुनाव परिणाम के बाद उन्हें फिर सूची में जोड़ा गया। प्रकाश राज ने एसआइआर को नागरिकों के अधिकारों और गरिमा पर हमला बताते हुए प्रक्रिया पूरी तरह रद करने की मांग की।
महिलाओं की सुरक्षा के समर्थन में ‘चप्पल प्रदर्शन’
बेंगलुरु में एक अन्य कार्यक्रम में सीजेपी के सदस्यों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों की निंदा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर ‘चप्पल प्रदर्शन’ किया।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और प्रवक्ता सौरव दास भी इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं के साथ एकजुटता जताते हुए ‘आजादी’ और ‘महिला मांगे आजादी’ जैसे नारे लगाए।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
