डॉक्टरों को लुभाने के खेल को रोकने के लिए केंद्र का बड़ा कदम, समिति बनाने पर हो रहा है काम
केंद्र ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह एक तीन सदस्यीय पैनल का गठन कर रहा है, ...और पढ़ें

फार्मा कंपनियों के अनैतिक कार्यों को रोकने के लिए समिति बना रहे : केंद्र
HighLights
सरकार ने समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो महीने का समय मांगा है
फार्मा सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपा प्लान
पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्र ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह एक तीन सदस्यीय पैनल का गठन कर रहा है, जो फार्मास्यूटिकल कंपनियों द्वारा डॉक्टरों को लुभाने के लिए अपनाई जाने वाली अनैतिक प्रथाओं यानी कामों को रोकने के लिए सुझाव देगा।
सरकार ने समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो महीने का समय मांगा है, जिसे अदालत के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने 'फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया' व अन्य की याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित रखा है, जिसमें अनैतिक मार्केटिंग प्रथाओं को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश स्थापित करने का अनुरोध किया गया था।
केंद्र ने स्वीकार किया कि फार्मास्यूटिकल कंपनियों की अनैतिक प्रथाओं को रोकने के लिए तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि समिति अपनी रिपोर्ट दो महीने में प्रस्तुत करेगी और यह सुझाव देगी कि किस प्रकार का कानूनी ढांचा लागू किया जा सकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख ने अदालत से तात्कालिक निर्देश मांगे, जबकि कपिल सिब्बल ने याचिकाकर्ताओं को समिति को सुझाव देने का अवसर देने की बात की।
