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20 की उम्र में पहनी वर्दी, पंजाब से कश्मीर तक थर-थराए आतंकी; BSF के देशराज गौतम को राष्ट्रपति पुलिस पदक

Updated: Fri, 14 Aug 2026 06:44 PM (IST)

सीमा सुरक्षा बल के उप कमांडेंट देशराज गौतम को स्वतंत्रता दिवस 2026 पर सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। उन्होंने पंजाब, कश्मीर और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

34 साल की अदम्य सेवा के लिए BSF अधिकारी देशराज गौतम को राष्ट्रपति पुलिस पदक। फोटो- एआई एडिटेड

34 साल की अदम्य सेवा के लिए BSF अधिकारी देशराज गौतम को राष्ट्रपति पुलिस पदक। फोटो- एआई एडिटेड

HighLights

  1. BSF उप कमांडेंट देशराज गौतम को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित।

  2. पंजाब, कश्मीर, छत्तीसगढ़ में निभाईं चुनौतीपूर्ण और सराहनीय सेवाएं।

  3. 1992 में BSF में शामिल, 30+ वर्षों की उत्कृष्ट सेवा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्‍ली। सीमा सुरक्षा बल के कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी एवं बल मुख्यालय में उप कमांडेंट (PPS) के पद पर तैनात देशराज गौतम को सराहनीय सेवा के लिए इस बार स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Police Medal for Meritorious Service) से सम्मानित किया गया है।

मूलरूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के ग्राम लोनहॉ निवासी देशराज गौतम ने पंजाब के उग्रवाद प्रभावित इलाकों से लेकर कश्मीर के लाल चौक और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवाएं दी हैं।

देशराज गौतम जून 1992 में महज 20 वर्ष की उम्र में डायरेक्ट एंट्री के माध्यम से BSF में शामिल हुए थे। तीन दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में उन्होंने देश के विभिन्न संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

उनके सेवाकाल में पंजाब में एंटी-इंसर्जेंसी ऑपरेशन, कश्मीर के लाल चौक में आतंकवाद के चरम दौर के दौरान ड्यूटी, छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तथा राजस्थान, जम्मू और उत्तर बंगाल की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनाती शामिल रही है।

लाल चौक से पंजाब तक चुनौतीपूर्ण तैनाती

गौतम की पहली तैनाती वर्ष 1992 में पंजाब के फिरोजपुर के अत्यंत उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में हुई थी। उस दौर में उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

वर्ष 1995 में पंजाब से स्थानांतरण के बाद उन्हें कश्मीर के लाल चौक में तैनाती मिली। यह वह दौर था, जब घाटी में आतंकवाद चरम पर था। इस दौरान उन्होंने BSF के कई विशेष अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सेवा के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनाती के बावजूद उन्होंने अतिरिक्त जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटे। कठिन परिस्थितियों और विपरीत हालात में भी उन्हें सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन असाधारण साहस और समर्पण के साथ किया।

बल मुख्यालय में भी निभाईं अहम जिम्मेदारियां

फील्ड ड्यूटी के साथ-साथ देशराज गौतम ने नई दिल्ली स्थित BSF बल मुख्यालय में प्रशासनिक, ऑपरेशन, कार्मिक और सतर्कता से जुड़े विभिन्न दायित्व भी संभाले। अपर महानिदेशक (एचआर), ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स से संबंधित जिम्मेदारियों के दौरान भी उन्होंने अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया।

उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को इससे पहले भी कई बार सम्मानित किया जा चुका है। सेवाकाल के दौरान उन्हें BSF महानिदेशक की ओर से आठ बार, अपर महानिदेशक की ओर से दो बार और महानिरीक्षक की ओर से नौ बार प्रशंसा पत्र मिल चुके हैं।

BSF महानिदेशक ने दी बधाई

राष्ट्रपति पुलिस पदक मिलने पर BSF के महानिदेशक प्रवीण कुमार, भा.पु.से. ने देशराज गौतम को बधाई दी। उन्होंने इसे अधिकारी के साथ-साथ पूरे सीमा सुरक्षा बल के लिए सम्मान और गौरव का विषय बताया। महानिदेशक ने अपने बधाई संदेश में कहा कि यह पदक उनके परिश्रम, उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्य के प्रति समर्पण का प्रतिफल है। यह सम्मान न केवल उन्हें, बल्कि पूरे सीमा सुरक्षा बल को गौरवान्वित करता है।