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BJP की नई टीम: 2027 के होमवर्क से 2029 के रिजल्ट तक की तैयारी, यूपी से लोकसभा तक का रण तैयार

Published: Mon, 17 Aug 2026 11:10 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 18 Aug 2026 05:58 AM (GMT+05:30)

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम, जिसका नेतृत्व नितिन नवीन कर रहे हैं, अनुभव और नई ऊर्जा का रणनीतिक संतुलन दर्शाती है, जिसका मुख्य ध्यान आगामी विधानसभा चुनावों पर है।

भाजपा की नवीन टीम बनाने में चुनावी राज्यों पर रही विशेष नजर

भाजपा की नवीन टीम बनाने में चुनावी राज्यों पर रही विशेष नजर

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लंबी प्रतीक्षा के बाद सामने आई भाजपा की राष्ट्रीय टीम संकेत दे रही है कि एक-एक नाम तय करने के लिए पूरा होमवर्क किया गया है। नेतृत्व की निगाह यदि नवीन टीम में नई ऊर्जा और अनुभव का संतुलन बनाए रखने को लेकर थी तो उतनी ही चिंता चुनावी तैयारी को लेकर भी रही है।

चूंकि, राष्ट्रीय टीम में फेरबदल सामान्यत: जल्द नहीं किए जाते, इसलिए पार्टी ने अपनी प्राथमिकता में सिर्फ उन्हीं बड़े राज्यों को नहीं रखा, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, बल्कि जिस तरह से सूची में मध्य प्रदेश और राजस्थान का दबदबा दिखाई दे रहा है, उससे यह समझना स्वाभाविक है कि यह टीम 2028 के विधानसभा चुनावों और 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव को भी ध्यान में रखा गया है।

यूपी चुनाव पर विशेष नजर 

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम में सबसे अधिक प्राथमिकता में उत्तर प्रदेश रहा है। सर्वाधिक लोकसभा और विधानसभा सीटों वाले इस राज्य का दावा वैसे भी बनता है, लेकिन कुछ माह बाद ही विधानसभा चुनाव होने के कारण इस राज्य का महत्व और बढ़ जाता है। इसका असर सूची में साफ दिखता है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से लेकर मोर्चों में यूपी भागीदारी कुल आठ पदाधिकारियों के साथ है। अगले ही वर्ष उत्तराखंड और गुजरात में भी चुनाव हैं। उत्तराखंड आकार और आबादी में छोटा होते हुए भी सूची में चार पदाधिकारी पा गया। इतने ही पदाधिकारी गुजरात से भी हैं, जबकि पंजाब से दो नेता शामिल किए गए हैं।

एमपी-छत्तीसगढ़ पर भी दांव 

उत्तर प्रदेश के बाद यदि किसी राज्य का सबसे अधिक दबदबा दिखा है तो वह मध्य प्रदेश है। यहां से कुल छह पदाधिकारी बनाए गए हैं, जबकि राजस्थान से चार हैं। छत्तीसगढ़ से भी दो पदाधिकारी बनाए गए हैं।

इसका संकेत साफ है कि 2028 में इन राज्यों में चुनाव होने हैं। हिंदी पट्टी के इन मजबूत प्रभाव राज्यों में भाजपा संगठन के माध्यम से अभी से अपनी तैयारियों को बनाए रखना चाहती है।

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