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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बेगुनाह से इकरार-ए-जुर्म कराने की मंशा

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Updated: Sun, 27 Apr 2014 08:06 AM (IST)

नगर विकास मंत्री आजम खां ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग बेगुनाह से इकरार-ए-जुर्म कराना चाहता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में केंद्र सरकार द्वारा नि ...और पढ़ें

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बाराबंकी, जासं। नगर विकास मंत्री आजम खां ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग बेगुनाह से इकरार-ए-जुर्म कराना चाहता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए गए अफसर बैठे हैं। वह तो एक कमजोर आदमी हैं। क्या कर सकते हैं। आयोग ने हमको हमारी हैसियत बता दी है।

अचानक बाराबंकी पहुंचे आजम खां ने पत्रकारों से कहा कि हमें सिर्फ इस बात की सजा दी गई कि हम हिंदू-मुस्लिम रिश्तों को बेहतर बनाना चाहते थे। आयोग उसका कुछ नहीं बिगाड़ पा रहा है जिसके नाम पर पार्लियामेंट में थूका जाता है। आयोग की जिम्मेदारी है कि वह लोकतंत्र को मजबूत करे। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम तो हो मेरी खता क्या है। हमने आयोग की दूसरी नोटिस का जवाब भेज दिया है। नोटिस से हमारा और हमारी पार्टी का नुकसान हुआ है। यह पूछे जाने पर कि मुलायम सिंह मुख्यमंत्री होते तो क्या उत्तर प्रदेश सरकार ज्यादा अच्छी चलती। इस पर उन्होंने कहा मेरे लिए दोनों अजीज हैं। अखिलेश बहुत अच्छी सरकार चला रहे हैं। हम इतिहास हैं। हमें कोई मिटा नहीं सकता। इससे पूर्व उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी विचार-विमर्श किया।

मीडिया फासिस्ट :

आजम खां प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भी मीडिया से खफा-खफा दिखे। उन्होंने कहा कि सब अपनी-अपनी भूमिका निर्वहन कर रहे हैं। मीडिया में कुछ लोग फासिस्ट हैं।

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