यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खुद को सुप्रीम कोर्ट से ऊपर समझ रहा आयोग : आजम
रामपुर [जागरण संवाददाता]। चुनाव आयोग की पाबंदियों में घिरे नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि चुनाव आयोग खुद को सुप्रीम कोर्ट से ऊपर समझ रहा है। इंसानियत के कातिल अमित शाह से पाबंदी हटा ली गई, लेकिन हम से नहीं।

रामपुर [जागरण संवाददाता]। चुनाव आयोग की पाबंदियों में घिरे नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि चुनाव आयोग खुद को सुप्रीम कोर्ट से ऊपर समझ रहा है। इंसानियत के कातिल अमित शाह से पाबंदी हटा ली गई, लेकिन हमसे नहीं। चुनाव आयोग के इस दोहरे मापदंड को देखते हुए आजम खान ने मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के संकेत दिए हैं।
सपा के फायर ब्रांड नेता आजम खां शुक्रवार को मीडिया से रू-ब-रू हुए। कहा कि चुनाव आयोग ने अमित शाह से पाबंदी हटाकर अपने अस्तित्व पर ही सवालिया निशान लगवा लिया है कि वह अब आयोग कहलाने का अधिकार रखता है या नहीं। तमाम लोग आयोग के फैसले का विरोध कर रहे हैं। एक ऐसे शख्श से पाबंदी हटा ली गई, जो अपराधी है। उस पर इंसानी कत्लेआम, दंगे-फसाद और बेगुनाह मुसलमानों के कत्लेआम के गंभीर आरोप हैं। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने पूरे गुजरात में दाखिले पर पाबंदी लगाई है और यह माना है कि उनके जाने से गवाह प्रभावित होंगे।
आयोग ने उन पर से पाबंदी हटा ली है, लेकिन हम से नहीं, क्योंकि हम पीड़ित हैं और कमजोरों की बात करते हैं। चुनाव आयोग हमें जितना नुकसान पहुंचा सकता था, पहुंचा चुका है। सरकार का अधिकार होता है अफसरों को हटाना और तैनात करना। सरकार ने जिन अफसरों को चुनाव से पहले हटाया था, उन सबको जिलों में तैनात कर दिया। इन अफसरों ने चुनाव के नाम पर मनमानी की। राष्ट्रपति शासन से भी बदतर हालात बना दिए। रामपुर में अफसरों ने सपा प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाने की पूरी कोशिश की।
बाबा रामदेव के भाजपा का प्रचार करने के सवाल पर बोले, बाबा में अब जाने कहां से हिम्मत आ गई। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान तो जनाने कपड़े पहन कर भाग खड़े हुए थे। नरेंद्र मोदी ने शादी के बाद भी अपनी पत्नी को साथ नहीं रखा, इसके लिए उन्हें देश की बेटियों से माफी मांगनी चाहिए।
