यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खुद को सियासत का खुदा न समझे चुनाव आयोग : आजम
रामपुर। चुनाव आयोग की पाबंदियों में घिरे प्रदेश के कद्दावर मंत्री आजम खां ने गुरुवार को एक बार फिर चुनाव आयोग को ललकारते हुए चुनौती दी। कहा कि चुनाव आ ...और पढ़ें

रामपुर। चुनाव आयोग की पाबंदियों में घिरे प्रदेश के कद्दावर मंत्री आजम खां ने गुरुवार को एक बार फिर चुनाव आयोग को ललकारते हुए चुनौती दी। कहा कि चुनाव आयोग खुद को सियासत का खुदा न समझे। जो भी चाहे कर ले, कोई कसर न छोड़े, मेरी विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दे, लेकिन मुझे उसकी दया नहीं चाहिए।
गुरुवार को पार्टी कार्यालय पर मीडिया से मुखातिब आजम खां ने कहा कि चुनाव आयोग हम पर जितने जुल्म कर सकता है, कर ले। अगर कोई और सजा बची है तो उसे भी हमें दे दे। हम पर कोई रियायत न करे। उसे पावर है तो हमारी सदस्यता भी खत्म कर दे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बेनी प्रसाद वर्मा, अजित सिंह , लालू प्रसाद यादव व ममता बनर्जी ने बहुत कुछ बोला।
नरेंद्र मोदी ने शहीद की मां का दिल दुखाया, लेकिन किसी पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई। आयोग ने हमें जो नोटिस दिया था, हमने समय रहते जवाब दिया, लेकिन उस पर गौर किए बगैर हमारा नाम और मजहब देखकर हमें सजा सुना दी, हमारी आवाज बंद कर दी गई। संवैधानिक संस्थाएं ऐसा करेंगी तो देश कैसे चलेगा।
