यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
असम में 'लव जिहाद' पर होगी उम्रकैद! सीएम हिमंत ने सरकारी नौकरी के नए नियम का भी कर दिया एलान
Assam असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि उनकी सरकार जल्द ही यूपी की तरह लव जिहाद कानून बनाएगी जिसमें आरोपियों को आजीवन कारावास की ...और पढ़ें

HighLights
- सीएम हिमंत बोले-सरकार असम में जन्मे लोगों को देगी सरकारी नौकरी।
- कहा- जन्म प्रमाणपत्र के साथ बच्चों को मिलेंगे आधार कार्ड।
पीटीआई, गुवाहाटी। उत्तर प्रदेश सरकार के बाद असम के मुख्यंमत्री हिमंता बिस्व सरमा ने भी घोषणा की है कि उनकी सरकार जल्द ही 'लव जिहाद' के मामलों में आजीवन कारावास का कानून लाएगी। सरमा ने गुवाहाटी में राज्य भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा नेताओं के साथ बात करते हुए कहा कि जल्द ही इस बाबत विधानसभा में विधेयक लाकर कानून बनाया जाएगा।
असम के मुख्यमंत्री सरमा रविवार को कहा कि असम सरकार की ओर से नई अधिवास नीति भी लाई जाएगी। इसके तहत केवल असम में जन्मे लोगों को ही सरकारी नौकरियों के लिए योग्य मना जाएगा। सरमा ने कहा कि चुनाव पूर्व वादे के अनुसार राज्य सरकार की ओर से दी गई नौकरियों में असम के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
एक लाख नौकरियों को लेकर सूची जल्द: सीएम
राज्य सरकार ने चुनाव से पूर्व एक लाख लोगों को नौकरी देने का वादा किया है। इस बाबत जल्द ही सूची जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम सरकार ने मुसलमानों और हिंदुओं के बीच जमीन की बिक्री के संबंध में भी निर्णय लिया है। सरमा ने कहा कि सरकार ऐसे लेन-देन को होने से रोक तो नहीं सकती, लेकिन वह इसे अंतिम रूप देने से पहले मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए उनके सामने ऐसे मामलों को पेश करना अनिवार्य कर देगी।
जन्म के साथ ही मिलेगा आधार कार्ड
सरमा ने यह भी कहा कि असम सरकार राज्य के 13 मेडिकल कालेजों में नवजात शिशुओं को जन्म प्रमाण पत्र के साथ आधार कार्ड जारी करने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू करेगी। नवजात शिशुओं के जन्म के कुछ दिनों के भीतर ही आधार कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि शुरू में यह परियोजना केवल जिले के मेडिकल कालेजों में शुरू की जाएगी। उसके बाद यह योजना पूरे राज्य में लागू की जाएगी, ताकि बच्चों को उनके जन्म के साथ ही आधार कार्ड मिल जाए और उनके परिजनों को इसके लिए कतार में नहीं लगना पड़े।
गरीब युवाओं को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता
उन्होंने कहा कि असम सरकार गरीबी की रेखा के नीचे के युवाओं के लिए विशेष योजना शुरू की है। गरीबी की रेखा के नीचे रहने वाले युवाओं को उद्योग लगाने के लिए दो लाख रुपये देने की योजना शुरू की गई है। इसके पहले चरण में 16 अगस्त से 5 सितंबर तक जिलों में इंटरव्यू लिए जाएंगे और 30 सितंबर तक धनराशि का वितरण किया जाएगा।