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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अलकायदा के निशाने पर भारत

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Updated: Thu, 04 Sep 2014 08:28 PM (IST)

पाक समर्थित इंडियन मुजाहिद्दीन [आइएम] और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर काफी हद लगाम लगाने में सफल रही सुरक्षा एजेंसियां भारत में अ ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। पाक समर्थित इंडियन मुजाहिद्दीन [आइएम] और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर काफी हद लगाम लगाने में सफल रही सुरक्षा एजेंसियां भारत में अलकायदा के घुसने के एलान से चौकन्नी हो गई हैं। सोशल मीडिया पर इस बारे में अलकायदा की ओर से जारी वीडियो को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की और इससे निपटने की रणनीति पर विचार किया। बैठक के बाद गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट कर दिया गया है। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पूरे मामले की जानकारी दी है।

अलकायदा के खतरे के आकलन और उससे निपटने के तरीके पर विचार के लिए बुलाई गई बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, खुफिया ब्यूरो के प्रमुख आसिफ इब्राहिम, रॉ प्रमुख आलोक जोशी, संयुक्त खुफिया समिति के प्रमुख जेएन रवि और आंतरिक सुरक्षा के विशेष सचिव प्रकाश झा समेत गृह मंत्रालय के आला अधिकारी मौजूद थे। वैसे सभी एजेंसियों के प्रमुखों का मानना था कि वीडियो प्रमाणिक है, लेकिन भारत में अलकायदा की उपस्थिति के दावे सही नहीं हैं, लेकिन राजनाथ सिंह ने कहा कि संभावित खतरे से निपटने के लिए एजेंसियों को उन संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, जहां से आतंकियों की भर्ती की आशंका ज्यादा है।

गृहमंत्री का कहना था कि ऐसी जगहों पर खुफिया एजेंसियों को जमीनी स्तर पर काम करना होगा, ताकि आतंकी संगठन भटके हुए युवाओं को जोड़ने में सफल नहीं हो सके। राजनाथ सिंह के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट भेजकर आतंकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा है।

गौरतलब है कि अल जवाहिरी ने अलकायदा के भारत में शाखा खोलने की घोषणा की है। ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अलकायदा प्रमुख बने जवाहिरी ने कहा है कि भारत मुस्लिम साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था और यहां नए सिरे से इस्लामिक राज की वापसी की जाएगी। उसने कहा कि अलकायदा ब्रिटिश साम्राज्य के समय खींची गई कृत्रिम सीमाओं को ध्वस्त कर देगा, जो मुसलमानों को अलग-अलग देशों में बांटती हैं।

अलकायदा की इस भारतीय शाखा का नाम 'कायदात अल जिहाद' नाम दिया गया है। जवाहिरी ने कहा कि आतंक की नई शाखा जिहाद की लड़ाई को म्यांमार और बांग्लादेश तक ले जाएगी। भारत में उनसे मुख्य तौर पर असम, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में मुसलमानों के दमन के खिलाफ आतंकी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जवाहिरी इस एलान को दो सालों के प्रयासों का नतीजा बताकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि नई आतंकी शाखा भारत में आतंकी गतिविधियां शुरू करने के लिए तैयार है।

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