एआईसीटीई ने 245 करोड़ के नवाचार एवं उद्यमिता फेलोशिप कार्यक्रम को दी मंजूरी
एआईसीटीई ने देश में नवाचार आधारित अनुसंधान को मजबूत करने के लिए 245 करोड़ रुपये के नवाचार व उद्यमिता डॉक्टोरल फेलोशिप कार्यक्रम को मंजूरी दी है।

एआईसीटीई ने 245 करोड़ के फेलोशिप कार्यक्रम को मंजूरी दी।
HighLights
एआईसीटीई ने 245 करोड़ रुपये के फेलोशिप कार्यक्रम को मंजूरी दी।
150 शोधार्थियों को मिलेगी पांच साल तक वित्तीय सहायता।
नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर रहेगा जोर।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में नवाचार आधारित अनुसंधान के ईकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने नवाचार व उद्यमिता डाक्टोरल फेलोशिप कार्यक्रम को मंजूरी दी है। जिस पर अगले पांच सालों में 245 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके तहत 150 शोधार्थियों को पीएचडी फेलोशिप दी जाएगी। इस दौरान ऐसे शोध को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे नवाचार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, व्यवसायीकरण आदि की संभावना दिखेगी।
एआइसीटीई के मुताबिक इस दौरान प्रत्येक शोधार्थी को निर्धारित पात्रता शर्तों और संतोषजनक शैक्षणिक एवं शोध प्रगति के आधार पर अधिकतम पांच वर्षों तक वित्तीय सहायता मिलेगी। पहले तीन वर्षों तक हर महीने 60 हजार रुपए और इसके अगले दो वर्षों में हर महीने 70 हजार रुपये की फेलोशिप दी जाएगी।
वहीं प्रत्येक शोधार्थी को शोध के परिणामों को व्यावहारिक समाधान में बदलने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का नवाचार अनुदान भी दिया जाएगा।
