IISER Pune में लड़की के कपड़े उतरवाकर हुई चेकिंग, स्टूडेंट्स ने की डीन व अन्य अधिकारियों को हटाने की मांग
आईआईएसईआर पुणे में परीक्षा के दौरान कपड़े उतरवाकर छात्रा की चेकिंग को लेकर स्टूडेंट्स ने जोरदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने मांग की है कि इसके लिए जिम्म ...और पढ़ें

IISER Pune
HighLights
आईआईएसईआर पुणे में छात्रों ने किया प्रदर्शन।
परीक्षा में कपड़े उतरवाकर चेकिंग का किया विरोध।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), पुणे के स्टूडेंट्स ने एक छात्रा के साथ तलाशी के नाम पर की गई अभद्रता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। स्टूडेंट्स की ओर से प्रदर्शन के दौरान बताया गया कि परीक्षा के दौरान 1st ईयर के कई स्टूडेंट्स के साथ बिना उनकी सहमति के शारीरिक संपर्क किया गया। इस दौरान स्टूडेंट्स को कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई।
काउंसिल के ईमेल में दी गई ये डिटेल
आईआईएसआर छात्र परिषद के महासचिव द्वारा भेजे गए एक ईमेल के अनुसार "24 अप्रैल को प्रथम वर्ष की एक छात्रा को परीक्षा हॉल से बाहर बुलाया गया और उसे अपनी जैकेट उतारने के लिए कहा गया। उसके हाथ पर कथित तौर पर लिखे गए नोट्स देखने के बाद, उसे बिना कैमरे वाले एक कमरे में ले जाया गया और कथित तौर पर एक महिला हाउसकीपिंग स्टाफ द्वारा उसकी कपड़े उतारकर तलाशी ली गई।"
स्टूडेंट्स ने विरोध जताने के लिए किया प्रदर्शन
ऐसी घटनाओं को देखते हुए स्टूडेंट्स ने संस्थान में सोमवार एवं मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया है। इको देखते हुए अब संस्थान के प्रशासन ने कहा है कि हाल ही में हुई परीक्षा में स्टूडेंट्स के साथ हुई घटनाओ से प्रशासन पूरी तरह से अवेयर है और इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जो इस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच करेगी। अगर को इसमें दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्टूडेंट्स ने भी रखीं अपनी मांगे
स्टूडेंट्स ने प्रदर्शन के दौरान डीन, आईसी अध्यक्ष और एसोसिएट डीन को तत्काल प्रभाव से हटाने और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों से बिना शर्त माफी मांगने, यह लिखित आश्वासन देने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही स्टूडेंट्स चाहते हैं कि आगे से इस प्रकार की तलाशी और बिना कंसेंट के ये सब चीजें नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने इस केस की जांच के लिए छात्रों के समान प्रतिनिधित्व वाली एक एक समिति का गठन करके इसकी जांच की जाएगी। इसके अलावा स्टूडेंट्स ने मांग की है कि हाउसकीपिंग स्टाफ के खिलाफ कोई कार्रवाई या दुर्व्यवहार न किया जाए।