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देश के पहले कॉम्पैक्ट जेट इंजन को प्रेजेंट करेंगे बिहार के सुब्रत शांडिल्य, चयन होने पर जेट इंजन लगाने का रास्ता होगा साफ!

Published: Tue, 01 Sep 2026 06:07 PM (IST)

बिहार के नालंदा के युवा इंजीनियर सुब्रत शांडिल्य देश के पहले कॉम्पैक्ट जेट इंजन को प्रेजेंट करने जा रहे हैं। ...और पढ़ें

Subrat Shandilya

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HighLights

  1. सुब्रत पेश करेंगे स्टार्टअप 'शांडिल्य एयरोस्पेस' 

  2. स्टार्टअप के तहत स्वदेशी कॉम्पैक्ट जेट इंजन को करेंगे प्रेजेंट।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। बिहार के युवा इंजीनियर सुब्रत शांडिल्य एक नई ऊंचाई छूने वाले हैं। वे पटना में स्टार्टअप 'शांडिल्य एयरोस्पेस' के तहत कम लागत में करीब दो किलो न्यूटन श्रेणी के स्वदेशी कॉम्पैक्ट जेट इंजन को प्रेजेंट करेंगे। भविष्य में इसका इस्तेमाल मानवरहित हवाई वाहनों (UAV) समेत विभिन्न एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म में किया जा सकता है।

अगर हो गए सफल तो बिहार में लगेगा पहले जेट इंजन का कारखाना

अगर सुब्रत शांडिल्य के स्टार्टअप 'शांडिल्य एयरोस्पेस' के प्रस्ताव का चयन हो जाता है तो बिहार में देश का पहला जेट इंजन निर्माण कारखाना लगाने की दिशा में काम शुरू हो सकता है।

छात्र जीवन के समय ही एयरोस्पेस डिजाइन में बनाई खास पहचान

सुब्रत ने छात्र जीवन में ही यूएवी और विमान डिजाइन पर काम शुरू कर दिया था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों और उपयोगकर्ताओं के लिए यूएवी डिजाइन तैयार किए हैं। उनके एक विमान प्रारूप का चयन अमेरिका के डार्पा लिफ्ट चैलेंज के शुरुआती चरण में भी हुआ था। 500 से अधिक आवेदनों में से चुने गए 72 डिजाइनों में उनका प्रारूप शामिल था। विमान डिजाइन के इसी अनुभव ने उन्हें अब प्रोपल्शन तकनीक जैसी जटिल इंजीनियरिंग चुनौती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

सुब्रत शांडिल्य का जीवन परिचय

सुब्रत शांडिल्य बिहार के नालंदा से आते हैं। उनके पिता का नाम संजीव मुकेश है जो इग्नू में तैनात हैं। माता का नाम मीनाक्षी है। सुब्रत ने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी, देहरादून से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

प्रोपल्शन सिस्टम को नए तरीके से विकसित करना मुख्य उद्देश्य

सुब्रत के अनुसार, उनका उद्देश्य केवल जेट इंजन बनाना नहीं, बल्कि प्रोपल्शन सिस्टम को नए तरीके से विकसित करना है। मिशन की जरूरत, परिचालन अवधि, निर्माण की सरलता और लागत को डिजाइन के शुरुआती चरण से ही ध्यान में रखा जा रहा है।

उनका कहना है कि किसी युवा एयरोस्पेस कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती अच्छे विचार को वास्तविक हार्डवेयर में बदलकर उसका परीक्षण करना है। कंपनी फिलहाल डिजाइन और इंजीनियरिंग के साथ प्रोटोटाइप निर्माण और परीक्षण की क्षमता विकसित करने में जुटी है।

यदि उनका प्रस्ताव जमीन पर उतरता है तो बिहार में कॉम्पैक्ट जेट प्रोपल्शन के निर्माण की नई शुरुआत हो सकती है। नालंदा का यह युवा अब अपने डिजाइन को वास्तविक हार्डवेयर में बदलकर स्वदेशी एयरोस्पेस तकनीक के क्षेत्र में देश और बिहार की पहचान मजबूत करने की कोशिश में जुटा है।

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