सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महंगाई को काबू में लाना पहली प्राथमिकता

By Edited By:
Updated: Wed, 18 Jun 2014 07:10 AM (IST)

रिजर्व बैंक ने साफ कर दिया है कि आने वाले महीनों में महंगाई को काबू में लाना उसकी शीर्ष प्राथमिकता में है। महंगाई की दर पांच महीनों के उच्चतम स्तर पर ...और पढ़ें

News Article Hero Image

मुंबई। रिजर्व बैंक ने साफ कर दिया है कि आने वाले महीनों में महंगाई को काबू में लाना उसकी शीर्ष प्राथमिकता में है। महंगाई की दर पांच महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। इराक के ताजा घटनाक्रम पर भी केंद्रीय बैंक की नजर है। इसके चलते हाल में कच्चे तेल के दामों में तेजी देखी गई।

रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। लिहाजा, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली घटनाओं से निपटने के लिए बेहतर ढंग से तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार की ओर से उपयुक्त खाद्य प्रबंधन के साथ खाद्य मूल्यों को कम करने में मदद मिलेगी। मई में मासिक महंगाई की दर पांच माह के उच्च स्तर 6.01 प्रतिशत पर पहुंच गई। अप्रैल में यह 5.2 फीसद थी। खाद्यान्न और ईंधन की कीमतों में तेजी इसके प्रमुख कारण रहे।

राजन ने काफी दिनों से चर्चा में वित्तीय क्षेत्र विधायी सुधार आयोग (एफएसएलआरसी) को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आयोग की सिफारिशों का एक हिस्सा 'पागलपन' जैसा है। आयोग का गठन मार्च, 2011 में हुआ था। इसका उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र के कानूनों के वैधानिक संस्थागत ढांचे की समीक्षा और उन्हें फिर से लिखना था।

प्याज निकालेगा आंसू, नासिक की हड़ताल से आई तेजी