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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानें, EPFO ने पीएफ निकासी के नियमों में किए कौन से बदलाव

By Manish NegiEdited By:
Updated: Sat, 27 Feb 2016 02:50 PM (IST)

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पीएफ निकालने और वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना में निवेश के नियमों को कड़ा कर दिया है।

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नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पीएफ निकालने और वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना में निवेश के नियमों को कड़ा कर दिया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब उपभोक्ता 54 साल की उम्र के बाद अपना पीएफ नहीं निकाल सकेंगे। नए नियम के मुताबिक अब उपभोक्ता को 57 साल की उम्र के बाद ही पीएफ मिल सकेगा।

पुराने नियमों के अनुसार ईपीएफओ के शेयरहोल्डर 54 साल की आयु पूरी होने के बाद अपने पीएफ खाते की 90 फीसदी राशि निकाल सकते थे। उनके दावों का निपटान सेवानिवृत्ति से एक साल पहले हो जाता था।

अधिकारी ने कहा कि पहले का नियम तर्कसंगत था क्योंकि कई संस्थानों में सेवानिवृत्ति की आयु 55 या 56 साल होती थी। आज के परिदृश्य में सेवानिवृत्ति की आयु 58 साल है और अब यह योजना का यह प्रावधान तार्किक नहीं रह गया है।

ईपीएफओ ने एक अन्य बदलाव करते हुए पीएफ से निकाली राशि को सीनियर पेंशन इंश्योरेंस स्कीम में इन्वेस्ट करने और भारतीय जीवन बीमा (एलआईसी) को ट्रांसफर करने के लिए उम्र सीमा 57 साल कर दी है। यह सीमा पहले 55 वर्ष थी। ईपीएफओ ने कहा कि पीएफ सब्सक्राइबर को अपने पैसे निकालने के लिए इम्पलॉयर से प्रमाण लेने की जरूरत नहीं होगी।

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