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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्रीय कर्मियों पर चुनावी डोरे, डीए में इजाफा

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Updated: Fri, 28 Feb 2014 11:57 PM (IST)

चुनावी साल में संप्रग सरकार का केंद्रीय कर्मचारियों के साथ प्रेम कुछ ज्यादा ही उफान मार रहा है। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए समय से पहले नए वेतन आयोग का गठन करने के बाद शुक्रवार को उनके महंगाई भत्ते में 10 फीसद की वृद्धि का फैसला किया गया। महंगाई भत्ता

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। चुनावी साल में संप्रग सरकार का केंद्रीय कर्मचारियों के साथ प्रेम कुछ ज्यादा ही उफान मार रहा है। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए समय से पहले नए वेतन आयोग का गठन करने के बाद शुक्रवार को उनके महंगाई भत्ते में 10 फीसद की वृद्धि का फैसला किया गया। महंगाई भत्ता 90 फीसद से बढ़कर 100 फीसद हो जाएगा। इसका फायदा 50 लाख केंद्रीय कर्मियों और 30 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा। माना जा रहा है कि कई राज्य केंद्र के इस फैसले का अनुसरण अपने कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने के लिए भी करेंगे।

शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में फैसला किया गया कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन लेने वालों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता पहली जनवरी, 2014 से लागू होगा। इसका भुगतान उन्हें मार्च, 2014 के वेतन के साथ किया जाएगा। इससे सरकार पर हर वर्ष 11074.80 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। अगले वित्त वर्ष के दौरान 12920.60 करोड़ रुपये का बोझ सरकार को उठाना पड़ेगा, क्योंकि फरवरी-मार्च, 2013 का वेतन भी अगले वित्त वर्ष के दौरान ही मिलेगा। बहरहाल, अगले कुछ दिन के भीतर चुनाव आचार संहिता लागू होने के डर से केंद्र ने सरकारी कर्मचारियों को लुभाने वाले सभी फैसले एक साथ कर लिए। कैबिनेट में आज नवगठित सातवें वेतन आयोग की सेवा शर्तो को भी मंजूरी दे दी। सूत्रों ने बताया कि महंगाई भत्ते का 50 फीसद हिस्सा मूल वेतन के साथ जोड़ने के प्रस्ताव पर अब नया वेतन आयोग ही विचार करेगा।

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सरकार महंगाई की दर के आधार पर डीए तय करती है और पिछले एक वर्ष के दौरान नौ फीसद से ज्यादा की महंगाई दर को देखते हुए डीए की नई दर 10 फीसद तय की गई है। इसके साथ ही कैबिनेट ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन [ईपीएफओ] के तहत गठित पेंशन कोष से पेंशनभोगियों को न्यूनतम एक हजार रुपये की मासिक पेंशन देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दिखा दी है। इससे 28 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। इसके लिए ईपीएफओ कर्मचारी पेंशन योजना-95 चला रहा है।

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