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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dharavi Project: धारावी पर अदाणी ग्रुप को कोई छूट नहीं, महाराष्ट्र सरकार का हाई कोर्ट में हलफनामा

    By Jagran NewsEdited By: Prince Sharma
    Updated: Thu, 31 Aug 2023 06:51 AM (IST)

    Dharavi Project महाराष्ट्र सरकार ने बांबे हाई कोर्ट को बताया है मुंबई के धारावी झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास के लिए वर्ष 2022 में नया टेंडर जारी करने के ...और पढ़ें

    Dharavi Project: धारावी पर अदाणी ग्रुप को कोई छूट नहीं, महाराष्ट्र सरकार का हाई कोर्ट में हलफनामा
    Dharavi Project: धारावी पर अदाणी ग्रुप को कोई छूट नहीं, महाराष्ट्र सरकार का हाई कोर्ट में हलफनामा

    HighLights

    1. मुंबई के धारावी झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास के लिए अदाणी समूह को कोई छूट या विशेष सुविधा नहीं दी गई है।
    2. यूएई की इस कंपनी ने धारावी प्रोजेक्ट अदाणी प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को देने के सरकार के फैसले को चुनौती दी है।

    मुंबई, पीटीआई। महाराष्ट्र सरकार ने बांबे हाई कोर्ट को बताया है मुंबई के धारावी झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास के लिए वर्ष 2022 में नया टेंडर जारी करने के लिए अदाणी समूह को कोई छूट या विशेष सुविधा नहीं दी गई है। सरकार ने इस माह की शुरुआत में एक हलफनामा दायर करके यूएई की एक कंपनी सीलक टेक्नोलाजी कॉरपोरेशन की याचिका जवाब दिया था।

    जुर्माना लगाकर उसकी याचिका खारिज की जानी चाहिए।

    यूएई की इस कंपनी ने धारावी प्रोजेक्ट अदाणी प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को देने के सरकार के फैसले को चुनौती दी है। हलफनामे में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने एकदम बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाए हैं। ऐसे बेबुनियाद आरोपों वाली याचिका के लिए याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाकर उसकी याचिका खारिज की जानी चाहिए।

    पुनर्विकास परियोजना के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई थी।

    मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस आरिफ डाक्टर इस याचिका पर सुनवाई गुरुवार को करेंगे। उल्लेखनीय है कि अदाणी समूह ने 259 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले धारावी की पुनर्विकास परियोजना के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई थी।

    2022 की टेंडर प्रक्रिया में 5,069 करोड़ रुपये की बोली लगाकर अदाणी समूह ने इस प्रोजेक्ट को हासिल कर लिया था। 2018 के पहले टेंडर में भी अदाणी समूह ने ही 7200 करोड़ रुपये की बोली लगाकर यह परियोजना हासिल की थी। बाद में सरकार ने उस टेंडर को रद करके नए सिरे से वर्ष 2022 में नया टेंडर निकाला है।

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