मुंबई में 11-12 अगस्त को सजेगा ब्रिक्स देशों का मंच, ब्राजील-रूस, चीन और ईरान समेत कई देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत मुंबई में 11-12 अगस्त को 'ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026' का आयोजन होगा। ...और पढ़ें

11-12 अगस्त को ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव (फोटो-BRICS)
HighLights
मुंबई में 11-12 अगस्त को ब्रिक्स कॉन्क्लेव आयोजित होगा।
शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन पर विशेषज्ञ करेंगे गहन चर्चा।
ब्रिक्स देशों के शहरों में सहयोग, साझेदारी बढ़ेगी।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ‘मुंबई फर्स्ट’ की ओर से 11 और 12 अगस्त को ‘ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कान्क्लेव 2026’ का आयोजन किया जाएगा।
यह दो दिवसीय कान्क्लेव ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के शहरों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक उच्चस्तरीय मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान और इंडोनेशिया के प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे।
आयोजकों के अनुसार, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान आयोजित होने वाला यह शहरी विकास से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंचों में से एक होगा।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देने के लिए शनिवार को मुंबई प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए सम्मेलन के आयोजकों ने कहा कि कॉन्क्लेव में केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार, देशभर के नगर निकायों के आयुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विभिन्न देशों के शहरों के प्रतिनिधि, बहुपक्षीय संस्थाओं, शिक्षण एवं शोध संस्थानों, उद्योग जगत और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार के सम्मेलन को संबोधित करने की संभावना है।
दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर विशेष चर्चा होगी। सत्रों में शहरी जलवायु लचीलापन, गर्म होते शहरों के लिए कूलिंग समाधान, तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा, स्वच्छ वायु, किफायती आवास, कम कार्बन उत्सर्जन वाली परिवहन व्यवस्था और शहरी प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
विशेषज्ञ विभिन्न देशों के सफल माडलों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेंगे, जिससे शहरों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद मिल सके।
आयोजकों का कहना है कि यह कॉन्क्लेव केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि ब्रिक्स देशों के शहरों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी की शुरुआत है। इसे एक वार्षिक मंच के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसके माध्यम से सदस्य देशों के शहरों के बीच सतत संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग और संस्थागत साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्मार्ट, समावेशी और टिकाऊ शहरों के निर्माण की दिशा में नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।