मुंबई में आवारा कुत्ते का आतंक, कल्याण में एक ही दिन में 130 से ज्यादा लोगों को काटा
कल्याण-डोंबिवली में एक आवारा कुत्ते ने रविवार को 130 से अधिक लोगों को काट लिया, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई और महानगरपालिका की पशु नियंत्रण व्यवस्था ...और पढ़ें

कल्याण में आवारा कुत्ते का आतंक
HighLights
कल्याण में एक कुत्ते ने 130 से अधिक लोगों को काटा।
महानगरपालिका की पशु नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।
सरकार आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी उपाय तलाश रही है।
राज्य ब्यूरो, मुंबई, 10 अगस्तः मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के कल्याण-डोंबिवली इलाके में आवारा कुत्तों के हमलों ने लोगों में दहशत फैला दी है। रविवार को कल्याण पश्चिम के विभिन्न क्षेत्रों में एक ही दिन में 130 से 150 लोगों को कुत्तों ने काट लिया।
घटना के बाद कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) की पशु नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इन सभी व्यक्तियों पर एक ही कुत्ते ने हमला किया है।
जानकारी के अनुसार, पहला हमला रविवार दोपहर करीब दो बजे बिरला कॉलेज से खड़कपाड़ा मार्ग के बीच स्थित संदीप होटल के आसपास हुआ। इसके बाद शाम आठ बजे तक अलग-अलग स्थानों पर लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आती रहीं।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए रुक्मिणीबाई अस्पताल भेजा गया। पीड़ितों में एक 11 वर्षीय बालिका की हालत गंभीर होने पर उसे मुंबई के सायन स्थित लोकमान्य तिलक नगर निगम अस्पताल रेफर किया गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अधिकांश पीड़ित चिकनघर, गोदरेज हिल, आधारवाड़ी और रेती बंदर क्षेत्र के निवासी हैं। कई बच्चों को गहरे घाव आने के कारण विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। सभी घायलों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) और इक्वाइन रेबीज इम्युनोग्लोब्युलिन (ईआरआई) दिया जा रहा है।
केडीएमसी अधिकारियों ने बताया कि हमलों के लिए जिम्मेदार कुत्ते को सोमवार तड़के करीब डेढ़ बजे पकड़ लिया गया। इस बीच सोमवार को कल्याण रेलवे स्टेशन के आसपास भी कुत्तों के काटने की खबरें सामने आईं, हालांकि उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
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घटना के बाद महापौर हर्षाली चौधरी और नगर आयुक्त अभिनव गोयल ने अस्पताल तथा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, महाराष्ट्र सरकार और एमएमआर क्षेत्र की नगर निकायें आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को देखते हुए पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार कर रही हैं।