यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mumbai: उद्धव के बयान के बाद आधी रात को सीएम शिंदे से मिलने पहुंचे देवेंद्र फडणवीस, ये है पूरा मामला
इससे पहले उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मंगलवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 22 विधायक और नौ सांसद भाजपा के सौतेले व्यवहार से परेशान होकर पार्टी छोड़ सकते हैं। File Photo

मुंबई, एएनआई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलने उनके वर्षा बंगले पहुंचे। दोनों नेताओं की ये मुलाकात मंगलवार रात को हुई। इससे पहले उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मंगलवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 22 विधायक और नौ सांसद भाजपा के सौतेले व्यवहार से परेशान होकर पार्टी छोड़ सकते हैं।
ठाकरे गुट के सांसद ने साधा था निशाना
बता दें कि शिवसेना सांसद गजानन कीर्तिकर द्वारा उनकी पार्टी के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने संबंधी बयान दिए जाने के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने मुखपत्र सामना में प्रकाशित लेख में शिंदे गुट के विधायकों और सांसदों को भाजपा के पिंजरे में कैद मुर्गे- मुर्गियां करार दिया।
सौतेले व्यवहार का लगाया था आरोप
सांसद ने कहा कि इनके गले पर कब छुरी चल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। पार्टी ने कहा कि उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना ने इसी असहनीय सौतेले व्यवहार के चलते अपनी सुरक्षा एवं आत्म सम्मान के लिए 2019 में भाजपा के साथ संबंध तोड़ लिए थे। ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 2019 में राजग से नाता तोड़ लिया था और उसने महाराष्ट्र में सरकार गठित करने के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ हाथ मिलाया था।
शिंदे ने भाजपा से मिलाया था हाथ
बता दें कि शिवसेना में पिछले साल फूट पड़ने के बाद शिंदे गुट ने भाजपा के साथ हाथ मिला लिया था। इसके बाद वह मुख्यमंत्री बन गए थे। मुंबई से लोकसभा के सदस्य कीर्तिकर ने शुक्रवार को कहा था कि हम राजग का हिस्सा हैं। इसलिए, हमारा काम उसी हिसाब से होना चाहिए और राजग घटक दलों को उपयुक्त दर्जा मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए दावा किया गया है कि वह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के वाहन के चालक बन गए हैं। इसका मतलब यह है कि राज्य सरकार की सभी शक्तियां भाजपा नेता के पास हैं।

