विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिशा सालियान मौत मामले में आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये का नोटिस, पिता ने मांगा हर्जाना

Published: Thu, 17 Sep 2026 12:29 PM (IST)

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है।

दिशा सालियान और आदित्य ठाकरे। (फाइल फोटो।)

दिशा सालियान और आदित्य ठाकरे। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. दिशा सालियान के पिता ने आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ का नोटिस भेजा।

  2. नोटिस में न्याय की लड़ाई को राजनीतिक बताने का आरोप लगाया गया।

  3. सार्वजनिक माफी और क्षतिपूर्ति की मांग की गई है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले में 500 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा गया है। दिशा के पिता सतीश सालियन ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और एनसीपी (SP) नेता अनिल देशमुख से 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं ने सतीश सालियन की न्याय की लड़ाई को राजनीति से प्रेरित दिखाने की कोशिश की। 28 साल की दिशा सालियन की मौत 8 जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची रिहायशी इमारत से गिरने के कारण हुई थी।

क्या आरोप लगाया गया?

500 करोड़ रुपये के कानूनी नोटिस में आदित्य ठाकरे पर सतीश सालियन के इरादों पर सवाल उठाने और न्याय के लिए उनके संघर्ष को राजनीति से प्रेरित, दुर्भावनापूर्ण और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के छिपे हुए मकसद से किया गया बताने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

कानूनी नोटिस में कहा गया है, "ऊपर बताए गए आरोप झूठे, बेबुनियाद, गैर-जिम्मेदाराना और मानहानि करने वाले हैं। ये आरोप बिना किसी भरोसेमंद सबूत या आधार के और सिर्फ आपके गलत और छिपे हुए मकसदों को पूरा करने के लिए लगाए गए हैं। ये आरोप मेरे मुवक्किल (सतीश सालियन) की ईमानदारी, विश्वसनीयता और नेकनीयती पर सीधा और गंभीर सवाल उठाते हैं। इसमें एक दुखी पिता को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर दिखाया गया है जो गलत, दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक मकसद से न्यायिक प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर रहा है।"

'ठाकरे को क्लीन चिट देने का दावा गलत'

नोटिस में ठाकरे पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने गलत तरीके से यह दावा किया कि सीबीआई ने दिशा सालियन मामले की जांच कर ली है और उन्हें क्लीन चिट दे दी है। कहा जाता है कि ठाकरे ने दावा किया था कि सालियन का इस्तेमाल उन्हें परेशान करने के लिए एक हथियार के तौर पर किया जा रहा था। अनिल देशमुख ने इस दावे का समर्थन किया था।

नोटिस के अनुसार, 23 मार्च 2025 को अनिल देशमुख ने कहा था कि दिशा सालियन केस आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की एक साजिश थी। कहा जाता है कि इस बयान को काफी प्रचार मिला और इसने सतीश सालियन को एक बेईमान, राजनीतिक रूप से प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण मुकदमेबाज के तौर पर पेश किया, जो आपराधिक न्याय प्रणाली का गलत इस्तेमाल कर रहा था।

सार्वजनिक माफी की मांग

सतीश सालियन ने बिना किसी शर्त, साफ-साफ और पूरी तरह से लिखित और सार्वजनिक माफी की मांग की है। इस माफ़ीनामे को सभी प्रमुख प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित और प्रसारित किया जाना चाहिए। वीडियो के जरिए मांगी जाने वाली माफी कम से कम तीन मिनट की होनी चाहिए और इसे दोनों नेताओं के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया जाना चाहिए।

'दिशा सालियन से कभी नहीं मिला'

आदित्य ठाकरे बुधवार को दिशा सालियन से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, "मैं दिशा सालियन से कभी नहीं मिला और न ही मैं उन्हें जानता था।" उन्होंने कहा, "लगभग 6 सालों से कुछ लोग साफ राजनीतिक और निजी मकसदों के साथ मेरे नाम को इस दुखद मामले से लगातार जोड़ रहे हैं। यह मेरी छवि खराब करने की एक सोची-समझी और बिना सबूत वाली कोशिश है।"

आदित्य ठाकरे ने कहा, "राजनीतिक मकसद से चरित्र हनन और दुर्भावनापूर्ण रुकावटों के बिना आधिकारिक दोबारा जांच को आगे बढ़ने दें।" अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने सोमवार को हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की।

यह भी पढ़ें: दिशा सालियान केस में नई एंट्री, अस्पताल लेकर पहुंची थी महिला; खुलेंगे नए राज