विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सिवनी में कुआं धंसने से मलबे में दबकर मां-बेटी की मौत, 9 घंटे रेस्क्यू के बाद निकाले शव, नानी अस्पताल में भर्ती

Updated: Tue, 02 Jun 2026 05:04 PM (IST)

सिवनी के दुकली गांव में निर्माणाधीन कुएं के धंसने से मां-बेटी की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि नानी को गंभीर हालत में बचाया गया। करीब नौ घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एसडीईआरएफ टीम ने दोनों शवों को बाहर निकाला।

बचावकर्मियों ने मां-बेटी के शव कुएं के मलबे से बाहर निकाले।

बचावकर्मियों ने मां-बेटी के शव कुएं के मलबे से बाहर निकाले।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र स्थित दुकली गांव में निर्माणाधीन कुएं के धंसने से हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। खेत में तराई (सिंचाई) का काम कर रही मां-बेटी की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि बुजुर्ग नानी को गंभीर हालत में बचा लिया गया। करीब नौ घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के बाद एसडीईआरएफ टीम ने दोनों के शव कुएं से बाहर निकाले।

तराई के दौरान हादसा

जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब चार बजे दुकली गांव में एक निजी खेत में निर्माणाधीन कुएं की तराई की जा रही थी। इसी दौरान 42 वर्षीय अनुसूईया जंघेला, उनकी 16 वर्षीय बेटी स्वाति जंघेला और 75 वर्षीय समनिया जंघेला कुएं के पास मौजूद थीं। अचानक करीब 40 फीट गहरा कुआं भरभराकर धंस गया और मां-बेटी मलबे में दब गईं।

हादसे में बुजुर्ग समनिया जंघेला का शरीर मलबे के ऊपरी हिस्से में फंस गया था। ग्रामीणों ने तत्काल रस्सियों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

रातभर चला रेस्क्यू, सुबह मिला दूसरा शव

घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अनिल कुमार राठौर, पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, एएसपी दीपक मिश्रा, एसडीएम पूर्वी तिवारी, एसडीओपी सचिन परते सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीईआरएफ की टीम ने शाम करीब सात बजे से रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

जेसीबी, पोकलेन और अन्य भारी मशीनों की मदद से कुएं में भरे मलबे को हटाया गया। लगभग साढ़े बारह बजे रात अनुसूईया जंघेला का शव बरामद हुआ, जबकि उनकी बेटी स्वाति की तलाश कई घंटों तक जारी रही। आखिरकार मंगलवार तड़के करीब चार बजे उसका शव भी दलदल और मलबे के बीच से निकाला गया।

40 फीट गहराई और पानी बना चुनौती

रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुएं की लगभग 40 फीट गहराई, उसमें भरा पानी और लगातार धंसने का खतरा था। रात के अंधेरे में अभियान चलाते हुए जवानों ने पूरी सतर्कता बरती। हादसे के बाद किसी और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मलबे से कुएं को पूरी तरह भरकर बंद करा दिया।

पोस्टमार्टम के बाद सौंपे गए शव

मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मां-बेटी के शव परिजनों को सौंप दिए गए। बंडोल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खेत में निजी कुएं का निर्माण कार्य चल रहा था और हाल ही में किए गए कंक्रीटीकरण की तराई करने के लिए तीनों महिलाएं वहां पहुंची थीं। इसी दौरान अचानक कुएं का बड़ा हिस्सा धंस गया और यह हादसा हो गया।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में राजस्व निरीक्षक को 80000 रुपये रिश्वत लेते लोकायुक्त ने दबोचा, सीमांकन कार्य के लिए मांगी थी एक लाख घूस