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    MP के चावल घोटाले में नया मोड़: रिमांड खत्म होते ही पूर्व मंत्री के भतीजे समेत तीनों आरोपित बीमार, जेल की जगह अस्पताल में भर्ती

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 04:17 PM (IST)

    मध्य प्रदेश के एथेनॉल चावल घोटाले में नया मोड़ आया है, जहां पूर्व मंत्री के भतीजे समेत तीन आरोपितों की पुलिस रिमांड खत्म होते ही तबीयत बिगड़ गई। उन्हे ...और पढ़ें

    -प्रतीकात्मक चित्र।

    -प्रतीकात्मक चित्र।

    HighLights

    1. चावल घोटाले के तीन आरोपितों की तबीयत अचानक बिगड़ी।

    2. पुलिस रिमांड खत्म होने पर जेल की बजाय अस्पताल में भर्ती।

    3. पूर्व मंत्री के भतीजे अविनाश कावरे भी आरोपितों में शामिल।

    डिजिटल डेस्क, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित एथेनॉल के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के चावल घोटाले की जांच में शनिवार को नया मोड़ आ गया। पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होते ही भाजपा नेता और पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भतीजे अविनाश कावरे समेत तीनों आरोपितों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। तीनों को जेल भेजने के बजाय जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने कुछ दिन पहले अविनाश कावरे के अलावा महाराष्ट्र के गोंदिया निवासी राइस मिलर जुगलप्रसाद खंडेलवाल और उसके भाई किशनलाल खंडेलवाल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के लिए अदालत से तीनों की पुलिस रिमांड हासिल की गई थी। शनिवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया जाना था, लेकिन इसी दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई।

    रिमांड खत्म होते ही बिगड़ी तबीयत

    बताया गया है कि तीनों आरोपितों ने एक साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अब अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। जेल भेजे जाने से ठीक पहले तीनों के एक साथ बीमार पड़ने की घटना को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

    पहले भी अस्पताल पहुंच चुका है राइस मिलर

    मामले में गिरफ्तार गोंदिया के राइस मिलर जुगलप्रसाद खंडेलवाल इससे पहले भी स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती हो चुका है। जुलाई में एसआईटी ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था। उस दौरान उसने ब्लड प्रेशर बढ़ने और सीने में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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    अब पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद तीनों आरोपितों के एक साथ अस्पताल में भर्ती होने से मामले ने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। अस्पताल में उनकी स्थिति और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।