'टाइगर स्टेट' में असुरक्षित बाघ : कान्हा रिजर्व में नौ दिन में फेफड़ों में संक्रमण से पांच बाघों की मौत, मचा हड़कंप
कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन और उसके चार शावकों की फेफड़ों के संक्रमण (निमोनिया) से मौत हो गई। पार्क प्रबंधन संक्रमण के स्रोत का पता लगाने और अन्य ...और पढ़ें

मृत बाघ का शव परीक्षण करते डाक्टर और वन्य प्राणी विशेषज्ञ। (सौ.पार्क प्रबंधन)

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मंडला जिले में स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में नौ दिन के भीतर एक बाघिन (टी-141) और उसके चार शावकों की एक-एक कर मौत हो गई। इससे पार्क प्रबंधन में हड़कंप मच गया हे। बाघिन व शावकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़ों में संक्रमण (निमोनिया) पाया गया है। प्रबंधन यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बाघों में यह संक्रमण किसी अन्य जीव के माध्यम से आया या जंगल के ही किसी हिस्से में संक्रमण का स्रोत है।
पार्क प्रबंधन की ओर से इस मामले में भोपाल मुख्यालय को जानकारी भेजी जा रही है। इससे पहले भी कान्हा में पांच अप्रैल को एक बाघिन की मौत आपसी संघर्ष में हो चुकी है।
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, जबलपुर से कान्हा टाइगर रिजर्व पहुंचे तीन वेटरनरी डाक्टरों की टीम ने बाघिन और दो शावकों के शव का पोस्टमार्टम किया। सभी के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया है। वायरल संक्रमण या रक्त के माध्यम से संक्रमण फैलने की भी आशंका है। टीम सैंपल लेकर लौट आई है, जिनकी जांच के बाद अन्य कारणों का पता चलेगा।
श्वानों का होगा सर्वे, अन्य पर भी नजर
डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा ने बताया कि अब वेटरनरी विभाग की टीम घटनास्थल के आसपास के गांवों में श्वानों का सर्वे करेगी। उनकी बीमारी की स्थिति देखी जाएगी। कैमरा ट्रैप के माध्यम से यहां बाघ सहित अन्य वन्य प्राणियों पर नजर रखी जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उनमें निमोनिया के लक्षण तो नहीं हैं। आसपास के नौ गांवों में सर्वे कराया जा रहा है।
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अप्रैल में इस तरह मरे बाघ, शुरू में हुई लापरवाही
- पांच अप्रैल को कन्हारी बीट में आपसी संघर्ष में बाघिन सुनैना की मौत हुई।
- 21 अप्रैल को सरही परिक्षेत्र के अंतर्गत अमाही नाले के पास बाघ शावक की मौत हुई थी, जिसे पार्क प्रबंधन ने प्राकृतिक बताया था। पीएम रिपोर्ट में उसे खाली पेट बताया गया था।
- 23 अप्रैल को दूसरे नर शावक की मौत हुई, उसका शव सड़ी-गली अवस्था में मिला था।
- 25 अप्रैल को तीसरी मादा शावक की मौत हुई, जिसकी वजह फेफड़े में संक्रमण बताया गया।
- 26 अप्रैल को बाघिन व एक शावक को रेस्क्यू कर मुक्की रेंज के क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया था। 29 अप्रैल को दोनों ने दम तोड़ दिया।