बरगी हादसे पर हाईकोर्ट में जनहित याचिक दायर, पूरे MP में क्रूज-बोट सेवाएं बंद करने की मांग
बरगी बांध क्रूज हादसे को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में प्रदेशभर में क्रूज और बोट सेवाओं पर रोक लगाने की मांग क ...और पढ़ें

बरगी क्रूज हादसा (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे का मामला अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। हादसे को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें प्रदेशभर में क्रूज और बोट सेवाओं पर रोक लगाने की मांग उठाई गई है। मामले में आगामी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
भोपालवासी ने लगाई याचिका
जनहित याचिका भोपाल निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कमल कुमार राठी की ओर से दायर की गई है। याचिका में राज्य शासन, एमपी टूरिज्म बोर्ड, आईडब्ल्यूआई, कलेक्टर जबलपुर, पुलिस अधीक्षक सहित आठ पक्षकारों को शामिल किया गया है।
ज्यादा सवारियां बिठाने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बरगी बांध में चला नर्मदा क्रूज तेज आंधी और ऊंची लहरों के बीच पलट गया, जिससे 13 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। याचिकाकर्ता का दावा है कि क्रूज में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया गया था। जहां केवल 29 टिकट जारी किए गए, वहीं 43 से 47 यात्रियों को सवार कर लिया गया।
मौसम अलर्ट की अनदेखी
याचिका में यह भी कहा गया है कि मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही खराब मौसम और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज संचालन जारी रखा गया। आरोप है कि यात्रियों को यात्रा शुरू होने से पहले लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराए गए। जब पानी क्रूज में भरने लगा, तब सुरक्षा इंतजामों की याद आई।
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NGT के आदेश का भी हवाला
जनहित याचिका में यह तथ्य भी सामने रखा गया है कि बरगी बांध वेटलैंड क्षेत्र के अंतर्गत आता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने वर्ष 2023 में ऐसे क्षेत्रों में मोटर चालित क्रूज संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इसके बावजूद संबंधित विभागों ने संचालन रोकने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
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याचिकाकर्ता ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई, राज्यभर के वाटर स्पोर्ट्स और क्रूज संचालन का सेफ्टी ऑडिट कराने तथा जांच पूरी होने तक सभी क्रूज-बोट सेवाएं बंद रखने की मांग की है।