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    बरगी हादसे की जांच में बड़ा सवाल: जांच से पहले क्यों तोड़ा गया क्रूज? न्यायिक आयोग ने मांगे दस्तावेज

    Updated: Tue, 26 May 2026 02:26 PM (IST)

    बरगी क्रूज हादसे की न्यायिक जांच में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, क्योंकि दुर्घटनाग्रस्त क्रूज को जांच पूरी होने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। नागरिक उ ...और पढ़ें

    खमरिया टापू पर पड़े क्रूज के अवशेष। (फाइल फोटो)

    खमरिया टापू पर पड़े क्रूज के अवशेष। (फाइल फोटो)

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    डिजिटल डेस्क, जबलपुर। क्रूज हादसे की जांच के बीच अब एक गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है- आखिर दुर्घटनाग्रस्त क्रूज को जांच पूरी होने से पहले किस आधार पर नष्ट कर दिया गया? नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच द्वारा उठाए गए इस मुद्दे ने जांच प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता वाले एकल न्यायिक जांच आयोग में हुई, जहां कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

    मानक प्रक्रिया का उल्लंघन

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इंडियन वेसल्स एक्ट-2021 में कहीं भी यह प्रावधान नहीं है कि किसी दुर्घटनाग्रस्त क्रूज को जांच से पहले नष्ट किया जा सकता है। इतना ही नहीं, जिला प्रशासन को भी ऐसा करने का अधिकार प्राप्त नहीं है। आयोग ने इस तर्क को गंभीरता से लेते हुए कहा कि याचिका में उठाए गए बिंदुओं को जांच के दौरान प्रमुखता से शामिल किया जाएगा और मंच को आगे भी सुनवाई का अवसर दिया जाएगा।

    मंच की ओर से डॉ. पीजी नाजपांडे और अधिवक्ता वेदप्रकाश अधौलिया ने आयोग के समक्ष विस्तृत याचिका प्रस्तुत की। इसमें दावा किया गया कि दुर्घटनाग्रस्त क्रूज तकनीकी मानकों पर भी सवालों के घेरे में था।

    क्रूज का एक इंजन था फेल

    याचिका में यह भी बताया गया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 12 सितंबर 2023 के अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि क्रूज में फोर-स्ट्रोक इंजन होना अनिवार्य है। लेकिन हादसे का शिकार हुए क्रूज में सिर्फ 100 एचपी क्षमता का इंजन लगाया गया था और उसका दूसरा इंजन भी फेल हो गया था। इसके साथ ही संचालकों के पास पर्यावरणीय नियमों के पालन से जुड़े आवश्यक प्रमाणपत्र होने पर भी सवाल खड़े किए गए।

    क्रूज को नष्ट करने पर गंभीर सवाल

    मंच ने आयोग के समक्ष यह तर्क भी रखा कि एनजीटी के आदेश के पैरा-132 में बोट की फिटनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश है। ऐसे में जब क्रूज को ही नष्ट कर दिया गया, तो उसकी फिटनेस और तकनीकी स्थिति की जांच आखिर कैसे संभव होगी?

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    दस्तावेज, साक्ष्य पेश करने के निर्देश

    इस महत्वपूर्ण बिंदु पर चिंता व्यक्त करते हुए जांच आयोग ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में आगे की सुनवाई और दस्तावेजों के आधार पर कई नई परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।

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