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    बांधवगढ़ रिजर्व में हथनी ‘गायत्री’ की संदिग्ध मौत, एन्थ्रेक्स की आशंका से मचा हड़कंप

    Updated: Thu, 30 Apr 2026 02:57 AM (IST)

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में साढ़े चार साल की हथनी 'गायत्री' की संदिग्ध मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच में एन्थ्रेक्स जैसी खतरनाक बीमारी की आशंका जताई जा र ...और पढ़ें

    हथनी के शव को सेनिटाइज करते स्वास्थ्य कर्मचारी।

    हथनी के शव को सेनिटाइज करते स्वास्थ्य कर्मचारी। 

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    डिजिटल डेस्क, जबलपुर। उमरिया में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां करीब साढ़े चार साल की मादा हथनी ‘गायत्री’ की अचानक मौत ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को दुखी करने के साथ-साथ सतर्क कर दिया है। प्रारंभिक जांच में इस मौत के पीछे एन्थ्रेक्स जैसी खतरनाक बीमारी की आशंका जताई जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, मौत से पहले हथनी में डायरिया के लक्षण दिखाई दिए थे, जो धीरे-धीरे गंभीर होते हुए रक्तस्राव तक पहुंच गए। स्थिति बिगड़ने पर जबलपुर से विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों की टीम बुलाई गई, लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

    संक्रमण रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई

    संभावित संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रबंधन ने केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट एलीफेंट की गाइडलाइन के तहत तुरंत कदम उठाए। हथनी के शव का वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दहन किया गया, ताकि किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा न बढ़े। इस दौरान क्षेत्र संचालक महेंद्र प्रताप सिंह, एनटीसीए के प्रतिनिधि डॉ. ज्ञानेंद्र प्रजापति समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    जिले में अलर्ट, टीकाकरण के निर्देश

    घटना के बाद जिला चिकित्सा और पशु चिकित्सा विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के साथ ही आवश्यक टीकाकरण और सुरक्षा गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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    वन विभाग पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाकर हालात पर नजर बनाए हुए है। ‘गायत्री’ की असमय मौत ने जहां वन्यजीव प्रबंधन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है, वहीं एन्थ्रेक्स की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।