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नागपंचमी पर वर्ष में एक बार खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, ऑनलाइन बुकिंग कर उठाएं शीघ्र दर्शन का लाभ; जानें पूरी व्यवस्था

Updated: Sun, 16 Aug 2026 01:20 AM (IST)

उज्जैन में नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट 24 घंटे के लिए खुलेंगे, जहां श्रद्धालु ऑनलाइन बुकिंग से शीघ्र दर्शन कर सकेंगे। इस वर्ष श्रावण सोमवार के साथ नागपंचमी होने से भीड़ प्रबंधन के लिए महाकाल और नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं।

प्राचीन मंदिर के कपाट, साथ में भगवान नागचंद्रेश्वर। (फाइल फोटो)

प्राचीन मंदिर के कपाट, साथ में भगवान नागचंद्रेश्वर। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट नागपंचमी पर 24 घंटे खुलेंगे।

  2. शीघ्र दर्शन हेतु 300 रुपये में ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध।

  3. श्रावण सोमवार के कारण दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग मार्ग।

डिजिटल डेस्क, उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में नागपंचमी के पावन अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु उमड़ने वाले हैं। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट रविवार 16 अगस्त की रात 12 बजे खोले जाएंगे। इसके बाद सोमवार 17 अगस्त की रात 12 बजे तक यानी पूरे 24 घंटे श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर सकेंगे।

भगवान नागचंद्रेश्वर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए वर्ष में केवल एक बार, नागपंचमी के दिन खुलते हैं। यही वजह है कि इस दुर्लभ दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

नेपाल से लाई गई थी प्रतिमा

पुराविद् डा. रमण सोलंकी के अनुसार भगवान नागचंद्रेश्वर की दुर्लभ प्रतिमा करीब 350 वर्ष पहले सिंधिया राजवंश द्वारा नेपाल से उज्जैन लाकर स्थापित कराई गई थी। नागपंचमी पर इस प्रतिमा के दर्शन और पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

तीन बार होगी विशेष पूजा

मंदिर के पट खुलने से पहले महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से त्रिकाल पूजा की जाएगी। इसके बाद सोमवार को दोपहर 12 बजे शासन की ओर से पूजा होगी। शाम 7:30 बजे पुजारी-पुरोहित पूजन करेंगे, जबकि रात 12 बजे महानिर्वाणी अखाड़े की पूजा के बाद मंदिर के पट दोबारा बंद कर दिए जाएंगे।

300 रुपये में शीघ्र दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामान्य दर्शन के साथ शीघ्र दर्शन की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। शीघ्र दर्शन का शुल्क 300 रुपये निर्धारित किया गया है।

बुकिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ पर की जा सकती है। रात 12 बजे से शुरू होने वाली 24 घंटे की दर्शन अवधि के लिए 11 अलग-अलग समय स्लॉट रखे गए हैं। अग्रिम बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी और श्रद्धालुओं को निर्धारित स्लॉट के अनुसार दर्शन कराए जाएंगे।

महाकाल और नागचंद्रेश्वर के लिए अलग-अलग रूट

महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार इस बार नागपंचमी का पर्व श्रावण के तीसरे सोमवार के संयोग में आ रहा है। ऐसे में भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं।

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सामान्य दर्शन के लिए रूट

श्रद्धालु कर्कराज पार्किंग स्थित प्रवेश द्वार से आगे बढ़ेंगे। यहां से भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा और बड़ा गणेश होते हुए गेट नंबर-4 से महाकाल मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद विश्रामधाम से भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद चौबीस खंबा माता मंदिर रोड से होते हुए श्रद्धालुओं को कर्कराज पार्किंग की ओर वापस भेजा जाएगा।

शीघ्र दर्शन के लिए रूट

शीघ्र दर्शन की बुकिंग कराने वाले श्रद्धालु हरसिद्धि चौराहे से बड़ा गणेश मंदिर के सामने होते हुए गेट नंबर-5 से विश्रामधाम पहुंचेंगे। यहां से नागचंद्रेश्वर के दर्शन के बाद चौबीस खंबा माता मंदिर रोड से होते हुए हरसिद्धि पाल की ओर लौटेंगे।

नागपंचमी और श्रावण सोमवार के एक साथ पड़ने से उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन, प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं, ताकि भक्तों को सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराए जा सकें।