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    चहेता मिट्ठू गुम हुआ तो दादी-पोती ने छोड़ा अन्न, परिवार ने रखा 50 हजार रुपये इनाम; ग्वालियर में बेजुबान परिंदे की तलाश में ई-रिक्शा से मुनादी

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 06:06 PM (IST)

    ग्वालियर में अनिल ओझा का परिवार अपने खोए हुए पालतू तोते 'मिट्ठू' की तलाश में जुटा है, जो चार दिन पहले घर से उड़ गया था। परिवार ने उसे ढूंढने वाले को 5 ...और पढ़ें

    -प्रतीकात्मक चित्र

    -प्रतीकात्मक चित्र

    HighLights

    1. ग्वालियर में परिवार अपने खोए पालतू तोते 'मिट्ठू' को ढूंढ रहा।

    2. तोते की वापसी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित।

    3. दादी-पोती ने मिट्ठू के गम में खाना-पीना कम किया।

    डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। रिश्ते केवल इंसानों के बीच नहीं बनते, कई बार एक बेजुबान भी परिवार का ऐसा हिस्सा बन जाता है कि उसके बिछड़ने का दर्द अपनों से दूर होने जैसा महसूस होता है। ग्वालियर के अलकापुरी-कलेक्ट्रेट रोड स्थित एनजी ग्रांड में रहने वाले अनिल ओझा का परिवार इन दिनों अपने चहेते तोते 'शकुंतला' उर्फ मिट्ठू की तलाश में दिन-रात जुटा हुआ है।

    यह तोता चार दिन पहले घर से उड़ गया था। परिवार ने उसे वापस लाने वाले के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। अनिल कहते हैं कि यह रकम उनके लिए मायने नहीं रखती, उनके लिए सबसे बड़ी खुशी मिट्ठू का सुरक्षित वापस लौटना है।

    परिवार के सदस्य जैसा था मिट्ठू

    अनिल बताते हैं कि करीब एक साल पहले यह मिट्ठू उनके घर आया था। धीरे-धीरे उसने परिवार के हर सदस्य का दिल जीत लिया। उसे कभी पिंजरे में बंद नहीं रखा गया। वह पूरे घर में आजादी से घूमता था और आवाज सुनते ही परिवार के सदस्यों के कंधे या हाथ पर आ बैठता था। सोमवार को घर की खिड़की खुली रह गई। इसी दौरान मिट्ठू बाहर उड़ गया।

    दादी-पोती को मिट्ठू से खास लगाव

    परिवार को उम्मीद थी कि वह कुछ देर बाद लौट आएगा, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी वह वापस नहीं आया। मिट्ठू के जाने का सबसे ज्यादा असर परिवार की बुजुर्ग मां और छोटी बेटी (दादी-पोती) पर पड़ा है। दोनों ने खाना-पीना तक कम कर दिया है और दिनभर दरवाजे की ओर नजरें लगाए रहती हैं।

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    शहर में कराई जा रही मुनादी

    मिट्ठू को खोजने के लिए परिवार ने प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। उसकी तस्वीर वाले पोस्टर लगाकर ई-रिक्शा से शहर के अलग-अलग इलाकों में मुनादी कराई जा रही है। जिसमें मिट्ठू को खोजकर देने वाले को पचास हजार रुपये इनाम देने की घोषणा है। अनिल का कहना है कि मिट्ठू उनके लिए सिर्फ एक पालतू पक्षी नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य है। इसलिए उसे वापस पाने के लिए वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं।