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शराबबंदी वाले गुजरात में भी हुई थीं जहरीली शराब से मौतें, MP के इस शहर से जुड़े थे तार

Published: Tue, 08 Sep 2026 05:21 PM (IST)

गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब से हुई मौतों के तार मध्य प्रदेश के उज्जैन से जुड़े थे, जहां से ...और पढ़ें

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HighLights

  1. भावनगर जहरीली शराब कांड में मध्य प्रदेश के उज्जैन से जुड़े तार।

  2. गुजरात पुलिस ने उज्जैन से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

  3. कांग्रेस ने उज्जैन आबकारी विभाग की भूमिका पर उच्चस्तरीय जांच मांगी।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हो गई थी। इसके तार भी मप्र से जुड़े थे। गुजरात पुलिस ने शराब सप्लाई में मप्र के उज्जैन कनेक्शन का आरोप लगाया था। उज्जैन के तीन लोगों सहित कुल 21 आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। उज्जैन के बेगमबाग निवासी रईस रफीक अंसारी, बाफना पार्क कॉलोनी निवासी जुबेर और अर्जुन सिंह गोहिल के नाम सामने आए थे।

इनमें से एक आरोपित रईस रफीक अंसारी जो लंबे समय से भावनगर में रह रहा था, घटना के बाद भागकर उज्जैन आ गया था। रईस को गिरफ्तार कर पुलिस गुजरात ले गई थी। पुलिस के अनुसार आरोपितों पर जहरीली शराब तैयार करने, शराब की बोतलों पर फर्जी स्टीकर लगाने और उसकी आपूर्ति करने के आरोप हैं।

कांग्रेस ने आबकारी कार्यालय के बाहर किया था प्रदर्शन

भावनगर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले को लेकर उज्जैन में भी सियासत गरमाई। जिला कांग्रेस ने इंदौर गेट स्थित आबकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया था। तराना विधायक महेश परमार ने गुजरात में जब्त शराब की 28 पेटियों पर उज्जैन आबकारी विभाग की सील और मुहर मिलने संबंधी मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

विधायक परमार ने कहा कि गुजरात में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए। ऐसे में यदि जब्त शराब की पेटियों पर उज्जैन आबकारी विभाग की सील मिली है तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है कि उज्जैन आबकारी विभाग की सील और मुहर गुजरात तक कैसे पहुंची। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।

धार, खरगोन, झाबुआ के रास्ते होती है शराब की सप्लाई

मध्य प्रदेश से देश के कई राज्यों को शराब की सप्लाई की जाती है। कई राज्यों में बड़े पैमाने पर तस्करी से भी मप्र की शराब पहुंचती है। गुजरात एक ''ड्राई स्टेट'' (पूर्ण शराबबंदी वाला राज्य) है, जिसके कारण वहां अवैध शराब की भारी मांग रहती है। मप्र का मालवा क्षेत्र (धार, खरगोन, झाबुआ और आलीराजपुर) गुजरात की सीमा से सटा हुआ है। मप्र की डिस्टिलरी (शराब भट्टियों) से बड़े पैमाने पर शराब अवैध रूप से ट्रकों और गुप्त रास्तों के जरिए गुजरात के अहमदाबाद, बड़ौदा और सीमावर्ती जिलों में खपाई जाती है।

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इसके अलावा मप्र के नीमच, मंदसौर, झाबुआ और श्योपुर जिलों की सीमाएं राजस्थान से लगती हैं। इन रास्तों से अक्सर मप्र में बनी सस्ती देसी शराब और स्प्रिट को राजस्थान के ग्रामीण व सीमावर्ती इलाकों में तस्करी के जरिए भेजा जाता है।

भावनगर में जहरीली शराब से 13 मौतों की पुष्टि

16-18 अगस्त 2026 को गुजरात के भावनगर के घोंघा तालुका व आसपास के इलाकों में लोगों ने यह जहरीली शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। 19 अगस्त को शुरुआती तौर पर चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 22 अगस्त तक आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या नौ हो गई थी। इसके बाद 23 अगस्त तक कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 13 तक पहुंच गई थी।

आरोपितों को गुजरात पुलिस ने उज्जैन से गिरफ्तार किया था, लेकिन जहरीली शराब के मप्र से आपूर्ति की जाने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।
- दीपक सक्सेना, आयुक्त आबकारी, मप्र शासन