सिंगरौली से शहडोल तक बदलेगी तस्वीर! MP के 10 शहरों में एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी
मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए केंद्र की उड़ान योजना के तहत 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में पांच हवाई ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
उड़ान योजना के तहत 10 हवाई पट्टियां बनेंगी एयरपोर्ट।
पहले चरण में पांच हवाई पट्टियों को मिली है मंजूरी।
औद्योगिक विकास, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, 2036 तक योजना।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की 'उड़ान' (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत प्रदेश की 10 हवाई पट्टियों को चरणबद्ध तरीके से एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इनमें से पहले चरण में पांच हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में बदलने की मंजूरी मिल गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ रविवार को सीएम हाउस में हुई विमानन विभाग की समीक्षा बैठक में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने पहले चरण के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश की 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में परिवर्तित करने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री के सामने रखा था।
सिंगरौली समेत 10 जिलों की हवाई पट्टियां प्रस्तावित
राज्य सरकार ने सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल की हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। पहले चरण में पांच जिलों को शामिल किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने सिंगरौली में एयरपोर्ट के लिए उपयुक्त जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद राज्य सरकार सिंगरौली समेत चयनित पांच जिलों के लिए नए सिरे से विस्तृत प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी।
दूरस्थ और औद्योगिक जिलों को मिल सकती है प्राथमिकता
एयरपोर्ट के लिए जिलों के चयन में प्रदेश की औद्योगिक जरूरतों, पर्यटन संभावनाओं और भौगोलिक दूरी को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। शहडोल, छिंदवाड़ा और खंडवा जैसे बड़े एवं अपेक्षाकृत दूरस्थ जिलों को भी प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
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एयरपोर्ट बनने से इन क्षेत्रों में यात्रियों की आवाजाही आसान होने के साथ उद्योग, निवेश और पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
2036 तक जारी रहेगी उड़ान योजना
बैठक में केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू ने बताया कि 'उड़ान' योजना का विस्तार अगले 10 वर्षों के लिए कर दिया गया है। अब यह योजना वर्ष 2036 तक जारी रहेगी।
'उड़ान' योजना के तहत एयरपोर्ट विकसित करने में होने वाला पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती है। ऐसे में राज्य के नए क्षेत्रों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार अब स्वीकृत पांच स्थानों के प्रस्ताव को आगे बढ़ाएगी।
सरकार का मानना है कि नए एयरपोर्ट विकसित होने से प्रदेश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत होगा और आर्थिक गतिविधियों के साथ पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी।