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MP: चंबल में 64 यात्रियों से भरा स्टीमर बहने के मामले में पांच पर FIR, 4 को जेल भेजा

Published: Tue, 18 Aug 2026 07:38 AM (IST)

मुरैना में चंबल नदी में 64 यात्रियों से भरा स्टीमर बहने के मामले में पुलिस ने पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज की

मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस ने पांच लोगों पर अपराध दर्ज किया है

मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस ने पांच लोगों पर अपराध दर्ज किया है

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डिजिटल डेस्क, मुरैना। चंबल नदी में रविवार को इंजन बंद होने से 64 यात्रियों से भरा स्टीमर बहने के मामले में मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस ने पांच लोगों पर अपराध दर्ज किया है। वहीं स्टीमर के साथ पकड़े गए चार आरोपितों को कोर्ट में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया।

पिनाहट थाना प्रभारी वीरेश कुमार गिरी ने सोमवार को उसैद घाट पर मुनादी करवाकर स्टीमर बंद करवा दिए। सोमवार को यह सिर्फ कांवड़ियों के लिए चला। उल्लेखनीय है कि अंबाह-पोरसा क्षेत्र में चंबल के उसैद-पिनाहट और नगरा-कैंजरा घाट पर स्टीमरों का संचालन उत्तर प्रदेश पीडब्ल्यूडी विभाग करता है, जो यात्रियों के लिए निश्शुल्क है।

रविवार को नगरा से उप्र के कैंजरा घाट जाते समय एक स्टीमर पांच किलोमीटर तक बह गया था, इस दौरान करीब तीन घंटे तक उसमें सवार 64 यात्रियों की जान अटकी रही। मामले में स्टीमर संचालक चंद्रसेन तिवारी, रामजीत भदौरिया, महेश भदौरिया निवासी त्रिनेत्र का पुरा, बाह तहसील आगरा, मुरैना जिले के भूपपुरा गांव निवासी रिंकू मल्लाह व पप्पू मल्लाह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

रामजीत, महेश, रिंकू और पप्पू स्टीमर के साथ ही पकड़ लिए गए थे। स्टीमर मालिक चंद्रसेन तिवारी की तलाश जारी है। 10 साल पहले भी हो चुका भीषण हादसा नगरा थाना प्रभारी सुखदेव सिंह चौहान ने बताया कि स्टीमर अवैध रूप से संचालित था, इसीलिए उसे भी जब्त कर लिया गया है।

एक महीने पहले भी बिना अनुमति संचालन को लेकर स्टीमर चालक अशोक निषाद पर केस दर्ज किया गया था। जिसके बाद कुछ दिन तो यह बंद रहा, बाद में फिर शुरू हो गया। बता दें कि चंबल के नगरा घाट पर 10 साल पहले भी हादसा हुआ था, जिसमें सात लोगों की जान गई थी। तब अवैध नाव का संचालन हो रहा था।