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    क्या फोन को एयरप्लेन मोड पर न रखने से क्रैश हो सकता है प्लेन? समझिए इस नियम के पीछे का लॉजिक

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 05:51 PM (IST)

    फ्लाइट टेक-ऑफ करने से पहले फोन को एयरप्लेन मोड पर रखने का निर्देश देते हैं। इसके पीछे सुरक्षा से जुड़े कारण हैं। ...और पढ़ें

    क्यों फ्लाइट में फोन को रखते हैं एयरप्लेन मोड पर? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्यों फ्लाइट में फोन को रखते हैं एयरप्लेन मोड पर? (Picture Courtesy: Freepik)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हवाई सफर के दौरान टेक-ऑफ से ठीक पहले जब फोन को एयरप्लेन मोड पर डालने या स्विच ऑफ करने का निर्देश मिलता है, तो अक्सर हमारे मन में कई सवाल उठते हैं। हम सोचते हैं कि भला एक मामूली-सा फोन इतने बड़े जहाज का क्या बिगाड़ लेगा? 

    क्या भूल से फोन ऑन रह जाने पर प्लेन हवा में क्रैश हो सकता है? अगर आपके दिमाग में भी अक्सर यही उलझन रहती है, तो आज हम इसे सुलझाने वाले हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं इसके पीछे की असल साइंस और जानते हैं कि फ्लाइट में एयरप्लेन मोड का असली काम क्या होता है।

     रेडियो सिग्नल और इंटरफेरेंस 

    हवाई जहाज पूरी तरह से रेडियो कम्युनिकेशंस और नेविगेशन सिस्टम पर निर्भर होते हैं। पायलट जमीन पर स्थित एयर ट्रैफिक कंट्रोल से लगातार कॉन्टेक्ट में रहते हैं ताकि उन्हें रास्ता, मौसम और ऊंचाई की जानकारी मिलती रहे।

    जब आपका फोन नॉर्मल मोड पर होता है, तो वह लगातार नजदीकी सेलुलर टावर से जुड़ने के लिए सिग्नल भेजता है। जैसे-जैसे विमान ऊंचाई पर जाता है, आपका फोन टावर से दूर होने लगता है और कनेक्शन बनाए रखने के लिए वह अपने सिग्नल भेजता रहता है। इसके कारण पायलेट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच कम्युनिकेशन में बाधा डाल सकता है। 

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    Airplane mode (2)

    (Picture Courtesy: Freepik)

    पायलट को होने वाली परेशानी

    आपके फोन के सिग्नल से विमान गिर तो नहीं जाएगा, लेकिन यह पायलटों के लिए काफी झुंझलाहट और समस्या पैदा कर सकता है। जब कई यात्री एक साथ फोन ऑन रखते हैं, तो उनके फोन से निकलने वाली रेडियो वेव पायलट के हेडफोन में एक तेज गूंज या क्लिक-क्लिक जैसी आवाज पैदा करती हैं।

    अगर पायलट को ATC से कोई जरूरी निर्देश मिल रहा हो और उसी समय यह शोर हो, तो कम्युनिकेशन में बाधा आ सकती है, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। 

    नेविगेशन सिस्टम पर असर

    विमान में कई ऐसे उपकरण होते हैं जो रेडियो वेव्स के जरिए ही जमीन से अपनी दूरी और दिशा मापते हैं। हालांकि, आधुनिक विमानों को इन सिग्नलों से बचने के लिए शील्ड किया जाता है, फिर भी सुरक्षा मानकों के तहत कोई भी रिस्क लेना सही नहीं माना जाता।

    एयरप्लेन मोड क्या करता है?

    जब आप अपने डिवाइस को एयरप्लेन मोड पर सेट करते हैं, तो यह फोन के सभी वायरलेस ट्रांसमिशन फंक्शन को बंद कर देता है, जिससे आप कॉल या मैसेज नहीं कर पाते।