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    समुद्र, पहाड़ और बैकवॉटर्स... एक ही जगह पर सब कुछ! यूं ही नहीं, केरल को कहा जाता है 'God's Own Country'

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 02:11 PM (IST)

    केरल को 'गॉड्स ओन कंट्री' कहा जाता है क्योंकि यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और खान-पान के लिए दुनियाभर में मशहूर है। ...और पढ़ें

    केरल की खासियत क्या है? (AI Generated Image)

    केरल की खासियत क्या है? (AI Generated Image)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के दक्षिण में बसे केरल को गॉड्स ओन कंट्री यानी भगवान का अपना देश भी कहा जाता है। ये राज्य अपनी खूबसूरती, संस्कृति और खान-पान के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इन्हीं कारणों से केरल हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकृषित करता है। आइए जानें केरल में ऐसा क्या है, जो इसे इतना खास बनाता है। 

    केरल की प्राकृतिक खूबसूरती

    केरल में समुद्री तटों, बैकवॉटर्स और हिल स्टेशन तीनों का आनंद लिया जा सकता है। अलेप्पी और कुमारकोम अपने शांत बैकवॉटर्स और हाउस बोट्स के लिए जाना जाता है। नारियल के पेड़ों से घिरी नहरों में तैरते हाउस बोट्स पर वेकेशन का मजा दोगुना हो जाता है। 

    केरल का मुन्नार अपने चाय के बागानों, धुंध से ढकी पहाड़ियों और ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है। वहीं कोवलम और वर्कला बीच अपने सुनहरे रेत, खूबसूरत तटों और सनसेट के खूबसूरत व्यू के लिए पर्यटकों के बीच काफी मशहूर है। वायनाड के घने जंगल, झरने, मसालों के बागान और ऐतिहासिक एडक्कल गुफाएं भी केरल की खूबसूरती को बढ़ाती हैं। 

    केरल का खान-पान

    केरल के खाने में ताजे मसालों, नारियल और चावल का काफी इस्तेमाल होता है। यहां शाकाहारी और मांसाहारी, दोनों ही तरह के व्यंजन मिलते हैं। केरल साद्या यहां की पारंपरिक शाकाहारी दावत है, जिसमें 20 से ज्यादा डिशेज को केले के पत्ते पर सर्व किया जाता है। 

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    चावल के आटे और नारियल के दूध से बना अप्पम और सब्जियों या मीट से बना स्टू का स्वाद भी लाजवाब होता है। समुद्र के किनारे बसे होने की वजह से केरल में फिश करी और मछलियों की और दूसरी डिशेज खान-पान का अहम हिस्सा हैं। 

    केरल की कला और संस्कृति

    केरल का कथकली नृत्य दुनियाभर में मशहूर है, जिसमें कलाकार रंग-बिरंगे चेहरे के शृंगार, चेहरे के हाव-भाव और हाथों की मुद्राओं का खास ध्यान रखा जाता है। इस नृत्य के जरिए पौराणिक कथाओं को बहुत खूबसूरत तरीके से पेश किया जाता है। 

    कलरीपट्टू दुनिया के सबसे पुराने मार्शल आर्ट्स में एक है, जिसकी शुरुआत केरल में हुई थी। इसमें शरीर के बैलेंस, फ्लेक्सिबिलिटी और हथियारों के इस्तेमाल का कमाल का बैलेंस देखने को मिलता है। ओनम के समय केरल में त्योहार की धूम छा जाती है। यहां की बोट रेस देखने दूर-दूर से लोग आते हैं।