यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुजरात की ये 7 जगह हैं खास, खाने-पीने के शौकीन कहेंगे ‘वाह क्या बात’
अहमदाबाद को विश्व धरोहर शहर घोषित किया गया है. अगर आप धार्मिक स्थलों पर घूमने-फिरने के शौकीन हैं, तो आप ...और पढ़ें

गुजरात इन दिनों चुनाव और उसके नतीजों को लेकर सुर्खियों में रहा. ऐसे में इस राज्य में घूमने-फिरने के लिए क्या खास है, ये भी जानना जरुरी हो जाता है. चलिए, आज हम आपको बताते हैं, गुजरात में सैर-सपाटे की सबसे खास जगह.
गिर नेशनल पार्क

गिर नेशनल पार्क में आपको एशियाई शेर के अलावा कई जानवरों की 40 अन्य प्रजातियां भी देखने को मिलती हैं, जिनमें स्पॉट हिरण, सांबर आदि भी शामिल हैं.
अहमदाबाद

अहमदाबाद को विश्व धरोहर शहर घोषित किया गया है. अगर आप धार्मिक स्थलों पर घूमने-फिरने के शौकीन हैं, तो आप अहमदाबाद के स्वाममीनारायण मंदिर, साबरमती आश्रम, सिदि सईद मस्जिद में घूम सकते हैं. आपको यहां गुजराती व्यंजनों से सजी थाली आसानी से मिल जाएगी. आप यहां थेपला, ढोकला, मुठिया का मजा ले सकते हैं.
दीउ

अगर आपको बीच पर घूमने का मजा लेना है, तो दीउ एक बेहतरीन जगह है. दीउ छोटा-सा शहर एक पुल से गुजरात से जुड़ा हुआ है आप दीउ में घोग्लाह बीच, नागोआ बीच, गोप्ती माता बीच पर अपनी छुट्टियां बिता सकते हैं.
साबरमती आश्रम

साबरमती आश्रम में आपको महात्मा गांधी की झलक मिलेगी. महात्मा गांधी ने यहीं से दांडी मार्च की शुरुआत की थी. इस आश्रम में एक संग्रहालय है, जहां पर महात्मा गांधी से जुड़े अवशेष, तस्वीरें और प्रदर्शनी आदि लगाई जाती है. इस आश्रम में 90 मिनट की सैर में मगन निवास, उपासना मंदिर आदि देख सकते हैं. आश्रम के बाहर स्ट्रीट फूड के बहुत सारे ऑप्शन मौजूद हैं.
लक्ष्मी विलास पैलेस
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राजसी ठाट-बाट से सजा लक्ष्मी विलास महल वड़ोदरा में स्थित है. ये खूबसूरत महल बकिंगघम पैलेस से भी चार गुना बड़ा बताया जाता है. इस महल का एक हिस्सा पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है जहां महाराजा फतेह सिंह संग्रहालय है. यहां पर संगमरमर और कांस्य की कलाकृतियां देख सकते हैं. यहां पर आपको कई बेहतरीन रेस्टोरेंट मिलेंगे, जहां आप अपनी पसंद के खाने का मजा ले सकते हैं.
रण ऑफ कच्छ

गुजरात का सफर रण ऑफ कच्छ को देखे बिना अधूरा है. ये दुनिया का सबसे बड़ा सॉल्टस रेगिस्तान है. कच्छ आने का सही समय ‘रण उत्सव’ है. ये उत्सव हर साल नवम्बर में आयोजित किया जाता है.
द्वारका

द्वारका चार धाम में से एक है. यहां गोमती नदी का दृश्य बहुत ही मनोरम लगता है. यहां द्वारकाधीश मंदिर में जन्माष्टमी के दिन दीवाली जैसा माहौल होता है. मंदिर के पास आपको मिठाई की बहुत-सी दुकानें मिलेगी. गुजरात की कई स्पेशल मिठाई आपको द्वारका के आसपास के बाजारों में मिल जाएगी.
