Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    एक ही PNR में कुछ सीटें कंफर्म, कुछ नहीं... क्या वेटिंग वाले भी कर सकते हैं साथ में सफर?

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 01:56 PM (IST)

    "क्या एक टिकट पक्का होने पर वेटिंग वाले बाकी लोग भी उसी साथी के साथ ट्रेन में चढ़ सकते हैं?" आइए, जानते हैं इस सवाल की सच्चाई। ...और पढ़ें

    'पार्शियली कन्फर्म' टिकट पर क्या कहते हैं रेलवे के नियम? (Image Source: AI-Generated)

    'पार्शियली कन्फर्म' टिकट पर क्या कहते हैं रेलवे के नियम? (Image Source: AI-Generated) 

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर परिवार या दोस्तों के साथ सफर करते समय हम एक ही PNR पर कई टिकट बुक करते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोगों की सीट तो पक्की हो जाती है, मगर बाकी के टिकट वेटिंग लिस्ट में अटक जाते हैं।

    ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या वे वेटिंग वाले यात्री भी अपने कन्फर्म टिकट वाले साथी के साथ यात्रा कर सकते हैं? आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि भारतीय रेलवे के आधिकारिक नियम इस बारे में क्या कहते हैं।

    क्या कहता है रेलवे का नियम?

    भारतीय रेलवे के शिकायत निवारण पोर्टल 'रेल मदद' और 139 हेल्पलाइन से मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में यात्रा करने का अधिकार आधिकारिक रूप से केवल उन्हीं लोगों को है जिनकी सीट कन्फर्म हो चुकी है। अगर आपका टिकट वेटिंग में है, तो आपको सिर्फ इस आधार पर ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं मिल जाती कि उसी PNR पर आपके किसी सहयात्री का टिकट कन्फर्म है।

    IRCTC Ticket Rules

    (Image Source: AI-Generated) 

    बिना अधिकार यात्रा करने पर लग सकता है जुर्माना

    अगर कोई यह सोचकर ट्रेन में चढ़ जाता है कि ग्रुप के एक सदस्य का टिकट कन्फर्म है तो बाकी लोग भी वेटिंग टिकट पर सफर कर लेंगे, तो यह भारी पड़ सकता है। रेलवे के नियमों के अनुसार, ऐसे यात्रियों को 'बिना उचित अधिकार' के यात्रा करने वाला माना जाता है। ऐसे हालात में टीटीई आपसे यात्रा का पूरा किराया और साथ में पेनाल्टी भी वसूल कर सकता है।

    खबरें और भी

    'पार्शियली कन्फर्म' टिकट का क्या मतलब है?

    रेलवे के नियमों के तहत एक PNR पर जनरल बुकिंग में अधिकतम छह लोग और तत्काल बुकिंग में चार लोग तक शामिल हो सकते हैं। जब कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम कुछ लोगों को सीट अलॉट कर देता है और अन्य लोगों को वेटिंग में ही रखता है, तो इस स्थिति को 'पार्शियली कन्फर्म' टिकट कहा जाता है। नियम बिल्कुल स्पष्ट है कि जिस व्यक्ति के नाम पर बर्थ अलॉट हुई है, सिर्फ उसी की यात्रा की गारंटी रेलवे लेता है। वेटिंग वाले यात्रियों के लिए कोई अलग से प्रावधान या गारंटी नहीं होती।

    टीटीई की छूट को न मानें अपना अधिकार

    असल सफर में कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि टीटीई नरमी दिखाते हुए परिवार के वेटिंग वाले सदस्यों को सफर जारी रखने की अनुमति दे देते हैं। रेलवे के जानकारों के अनुसार, ऐसा आमतौर पर तब होता है जब आरएसी और अन्य पात्र यात्रियों को सीट देने के बाद भी ट्रेन में कुछ जगह बच जाती है।

    हालांकि, यह पूरी तरह से परिस्थितियों पर निर्भर करता है और यह टीटीई का अपना फैसला होता है। इसे रेलवे का आधिकारिक नियम या अपना हक मान लेना गलत होगा।

    टिकट कैंसिलेशन से जुड़े जरूरी नियम

    सफर पर निकलने से पहले कैंसिलेशन के नियमों को भी ध्यान में रखना जरूरी है:

    • अगर आप अपना वेटिंग टिकट कैंसिल कर चुके हैं और रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो आप उस रद्द किए गए टिकट पर सफर नहीं कर सकते।
    • अगर एक PNR पर मौजूद सभी यात्रियों के टिकट वेटिंग में ही रह जाते हैं, यानी किसी का भी टिकट कन्फर्म नहीं होता, तो रेलवे के नियमों के मुताबिक बुकिंग कैंसिल मान ली जाती है और यात्रा करने की अनुमति नहीं होती।

    सफर से पहले रखें ध्यान

    ट्रेन में बिना किसी तनाव के सफर करने के लिए आपके पास कन्फर्म टिकट का होना बेहद जरूरी है। जमीनी स्तर पर मिलने वाली किसी भी तरह की छूट को नियम समझने की भूल न करें। किसी भी तरह की परेशानी या जुर्माने से बचने के लिए हमेशा भारतीय रेलवे के आधिकारिक नियमों पर ही भरोसा करें।

    यह भी पढ़ें- आधे-अधूरी हालत में नहीं कटेगा सफर! RAC वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कर दिया बड़ा एलान

    यह भी पढ़ें- रात 10 से सुबह 6 बजे तक ट्रेन में मना होते हैं ये 5 काम, बिना जानकारी मुश्किल हो सकता है आपका सफर