सभी ट्रेनों में फ्री नहीं होता रेलवे स्टाफ का सफर! जानिए कब मान्य होता है पास और कहां खरीदना पड़ता है टिकट
क्या आपके मन में भी यह सवाल आता है कि क्या रेलवे कर्मचारियों को देश की किसी भी ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने की छूट होती है? अगर हां, तो आइए इस आर्ट ...और पढ़ें

क्या रेलवे कर्मचारियों को हर ट्रेन में मिलती है मुफ्त यात्रा? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों को देश की हर ट्रेन में मुफ्त यात्रा करने की आजादी होती है? यह एक ऐसा सवाल है जो अक्सर लोगों के मन में उठता है। इस असमंजस को दूर करते हुए, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में संसद में साफ किया है कि रेलवे कर्मचारियों की 'पास सुविधा' असल में कैसे काम करती है।
आइए, डिटेल में जानते हैं कि किन ट्रेनों में इन कर्मचारियों का पास काम करता है और किन में उन्हें भी आम यात्रियों की तरह टिकट लेना जरूरी होता है।
किन ट्रेनों में मिलती है पास की सुविधा?
'रेलवे सर्वेंट्स रूल्स, 1986' के अंतर्गत, रेलवे के वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कई तरह के पास दिए जाते हैं। इनमें 'प्रिविलेज पास', 'ड्यूटी पास' और 'पोस्ट-रिटायरमेंट कॉम्प्लिमेंट्री पास' शामिल हैं। इन विशेष पासों का इस्तेमाल करके कर्मचारी और उनके परिवार के योग्य सदस्य भारत की कुछ सबसे प्रतिष्ठित ट्रेनों में यात्रा कर सकते हैं।
पास के तहत आने वाली प्रमुख ट्रेनें:
- राजधानी एक्सप्रेस
- शताब्दी एक्सप्रेस
- वंदे भारत एक्सप्रेस
- दुरंतो एक्सप्रेस
- गतिमान एक्सप्रेस
- हमसफर एक्सप्रेस
रेलवे के अनुसार, वंदे भारत और गतिमान एक्सप्रेस को शताब्दी श्रेणी की ट्रेनों के समान ही माना जाता है, लेकिन कोई कर्मचारी किस क्लास में यात्रा करेगा, यह सीधा उसके पद और पे-लेवल के आधार पर तय किया जाता है।
रेलवे कर्मचारियों को कैसे और कितनी मिलती है टिकट में छूट?
यह धारणा गलत है कि रेलवे कर्मचारी कभी भी और कहीं भी मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, पास का मतलब यह नहीं है कि वे अनगिनत बार मुफ्त सफर कर सकते हैं।
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किसी भी कर्मचारी को कितने 'प्रिविलेज पास' दिए जाएंगे, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उन्होंने कितने समय तक सेवा दी है, वे किस ग्रुप में हैं और उनका पे-लेवल क्या है। इसके अलावा, पीटीओ के मामले में कर्मचारियों को पूरी तरह से मुफ्त टिकट नहीं मिलता है, बल्कि उन्हें कुल किराये का एक-तिहाई भाग खुद उठाना होता है।
इन ट्रेनों में आम यात्री ही माने जाते हैं रेलवे कर्मचारी
रेलवे पास की यह सुविधा हर ट्रेन में मान्य नहीं है। IRCTC और राज्य पर्यटन विकास निगमों द्वारा चलाई जाने वाली खास लग्जरी और टूरिस्ट ट्रेनों में यह पास काम नहीं करता।
अगर कोई रेलवे कर्मचारी 'महाराजा एक्सप्रेस' या 'पैलेस ऑन व्हील्स' जैसी शाही ट्रेनों में सफर करना चाहता है, तो उसे भी आम जनता की तरह ही पूरे पैसे देकर टिकट खरीदना होगा। 1986 के रेलवे पास नियमों में इन लग्जरी ट्रेनों में मुफ्त या रियायती यात्रा के लिए कोई छूट नहीं दी गई है।
इसलिए, रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाली पास सुविधा सख्त नियमों के अधीन है। जहां एक तरफ वे वंदे भारत और राजधानी जैसी ट्रेनों में पास का उपयोग कर सकते हैं, वहीं लग्जरी टूरिस्ट ट्रेनों में उन्हें सामान्य यात्रियों की तरह ही किराया चुकाना होता है।