मोमोज के दीवानों के लिए जन्नत है यह शहर, दुनिया भर में कहलाता है ‘Momo Capital’; मिलती हैं ढेरों वैरायटीज
नेपाल की राजधानी काठमांडू को 'मोमो कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' कहा जाता है, जहां मोमोज सिर्फ एक डिश नहीं बल्कि संस्कृति का हिस्सा हैं। ...और पढ़ें

मोमोज के लिए फेमस है ये शहर, दुनिया भर में कहलाता है ‘Momo Capital’ (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मोमोज का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। आज के समय में यह लगभग हर किसी का पसंदीदा स्नैक बन चुका है, लेकिन क्या आपको पता है कि पूरी दुनिया में मोमोज की राजधानी यानी 'मोमो कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' किसे कहा जाता है?
बता दें, यह रुतबा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पास है। इस शहर में मोमोज सिर्फ एक डिश नहीं हैं, बल्कि यह लोगों की जिंदगी, खानपान और संस्कृति का एक अटूट हिस्सा बन चुके हैं।

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कैसे बना काठमांडू 'मोमो कैपिटल'?
एक अनुमान के मुताबिक, अकेले काठमांडू में करीब 8,000 ऐसे रेस्टोरेंट और स्ट्रीट स्टॉल हैं, जहां मोमोज बेचे जाते हैं। वैसे तो इस डिश की शुरुआत तिब्बत में हुई थी और पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक रिश्तों की वजह से यह नेपाल पहुंची।
हालांकि, इसे आज का मशहूर 'नेपाली मोमो' बनाने का पूरा श्रेय काठमांडू घाटी के मूल निवासियों यानी 'नेवार समुदाय' को जाता है। तिब्बतियों ने इसे बनाने की पारंपरिक तकनीक को जिंदा रखा, तो वहीं नेवार समुदाय ने इसमें अपने खास स्थानीय मसाले, चटनियां और तरह-तरह की फिलिंग मिलाकर इसे बिल्कुल नया रूप दे दिया।
मोमो लवर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं
काठमांडू में मोमोज के इतने प्रकार मिलते हैं कि आप हैरान रह जाएंगे। यहां चिकन, बफेलो मीट, सब्जियों और पनीर की फिलिंग वाले ढेरों विकल्प मौजूद हैं। आइए देखते हैं यहां कौन-कौन से मोमोज सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं:
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- स्टीम मोमो: यह सादा और सबसे लोकप्रिय रूप है, जिसे तिल और टमाटर की तीखी चटनी के साथ गरमा-गरम खाया जाता है।
- झोल मोमो: इस खास डिश में मोमोज को मसालों, मूंगफली, तिल और टमाटर से बने एक बेहद स्वादिष्ट सूप में डुबोकर परोसा जाता है।
- फ्राइड मोमो: सुनहरे और क्रंची होने तक इन्हें डीप-फ्राई किया जाता है।
- कोथे मोमो: इन्हें पैन में सिर्फ एक तरफ से तला जाता है। इस वजह से ये बाहर से कुरकुरे और अंदर से पूरी तरह रसीले होते हैं।
- ओपन मोमो: यह एक नया और मॉडर्न तरीका है जिसमें डंपलिंग्स को ऊपर से खुला रखकर, उसमें कई तरह के सॉस और गार्निश डाले जाते हैं।
- सी-मोमो: अगर आपको तीखा पसंद है, तो यह आपके लिए बेस्ट है। इसमें तले हुए या स्टीम किए गए मोमोज को शिमला मिर्च, प्याज और एक चटपटे सॉस के साथ पकाया जाता है।

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तीखी चटनी के बिना सब अधूरा
काठमांडू के लोगों का मानना है कि मोमोज का असली जादू उसकी चटनी में छिपा होता है। यहां के ज्यादातर रेस्टोरेंट अपनी खास चटनी खुद तैयार करते हैं। इसका स्मोकी और बोल्ड स्वाद टमाटर, भुने हुए तिल, अदरक, लहसुन, मूंगफली, ताजी मिर्च और खास 'तिमुर' को मिलाकर बनाया जाता है। यही चटनी मोमोज के स्वाद को एक अलग ही लेवल पर ले जाती है।
मोमो फेस्टिवल्स का बढ़ता हुआ क्रेज
इस शहर का मोमोज के प्रति प्यार सिर्फ दुकानों या खाने की प्लेट तक ही सीमित नहीं है। काठमांडू में अक्सर मोमो-थीम वाले फूड फेस्टिवल, टेस्टिंग इवेंट्स और प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहती हैं, जिनमें लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
यहां आने वाले पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक मंदिरों को देखने के साथ-साथ मोमोज का स्वाद चखना भी उतना ही जरूरी माना जाता है। पारंपरिक तिब्बती और नेवारी स्वाद के इसी शानदार मेल ने मोमोज को इस शहर की पहचान बना दिया है और इसी वजह से काठमांडू को शान से दुनिया की 'मोमो कैपिटल' कहा जाता है।