यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जून खत्म होने से पहले कर लें चुराह वैली का दीदार, Adventure और Nature लवर्स के लिए हैं मस्ती के कई ठिकाने
हिमाचल प्रदेश गर्मियों में घूमने के लिए बहुत ही खूबसूरत जगह है। यहां कई ऐसे खूबसूरत ठिकाने हैं जहां आप फैमिली फ्रेंड्स के साथ जाकर मौज- मस्ती कर सकते ...और पढ़ें

HighLights
- गर्मियों में घूमने के लिए बहुत ही शानदार जगह है चुराह वैली।
- इस ऑफबीट जगह को आप बहुत ही कम बजट में कर सकते हैं कवर।
- नेचर, एडवेंचर पसंद लोगों को बेहद पसंद आएगी यह जगह।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश एक ऐसी जगह है, जो एडवेंचर पसंद हो या नेचर लवर, शांति की तलाश में हैं या फिर बजट में घूमने वाले...हर तरह के घुमक्कड़ों का बांहें खोलकर स्वागत करता है। लॉन्ग वीकेंड हो या शॉर्ट ट्रिप का प्लान, ये जगह हर तरीके से बेस्ट है। मई-जून के महीने में जब उत्तर भारत गर्मी से तप रहा होता है, तो यहां का मौसम शानदार होता है, जहां आकर आप गर्मी से कुछ दिनों की राहत पा सकते हैं। हालांकि यहां के कुछ ठिकाने तो लगभग हमेशा ही पर्यटकों से भरे रहते हैं, तो अगर आप किसी शांत और खूबसूरत जगह की तलाश में हैं, तो निकल जाएं चुराह वैली की ओर।
चुराह वैली
चुराह वैली, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित है। चुराह यानी चार रास्ते। चुराह से चंबा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पांगी वैली के रास्ते निकलते हैं। चुराह आकर आप आराम से तीन से चार दिनों की छुट्टियों को यादगार बना सकते हैं।
चुराह वैली के पास घूमने वाली जगहें
सच पास
सच पास की खूबसूरती ऐसी है कि आपका यहां से जाने का दिल ही नहीं करेगा। चंबा से लगभग 127 किमी का सफर तय करके आप सच पास पहुंच सकते हैं। समुद्र तल से 14,700 फीट की उंचाई पर स्थित है सच पास। जहां से आप हिमालय के पीर पंजाल रेंज का दीदार कर सकते हैं।
चंजु माता मंदिर
चुराह वैली में काली माता को समर्पित है जंजु माता मंदिर, जो लकड़ियों से बना हुआ है। मंदिर हरे-भरे पहाड़ों और पेड़ों के बीचों-बीच स्थित है। मंदिर का आर्किटेक्चर बेहद शानदार है, जिसे यहां आकर देखना तो बनता है।
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गडासरू महादेव लेक
चुराह वैली में एक बेहद ख ऐसी ही खूबसूरत लेक है, गडासरू महादेव लेक, जिसे डल लेक के नाम से भी जाना जाता है। यह समुद्र तल से लगभग 4,300 मीटर की उंचाई पर स्थित है। चारों तरफ हरे-भरे पहाड़ इस झील की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं। चुराह वैली आकर इस झील को देखना बिल्कुल मिस न करें।
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कब जाएं चुराह वैली?
चुराह वैली घूमने का बेस्ट सीजन गर्मियां ही हैं खासतौर से मई-जून का महीना। जब उत्तर भारत के ज्यादातर शहरों में चिलचिलाती गर्मी पड़ती है, तो यहां का मौसम बेहद सुहावना होता है।
कैसे पहुंचे चुराह वैली?
फ्लाइट सेः फ्लाइट से चुराह वैली पहुंचने के लिए पठानकोट नजदीकी एयरपोर्ट है। जहां से आपको वैली के लिए कैब मिल जाएगी। पठानकोट से चुराह वैली की दूरी लगभग 160 किमी है।
ट्रेन सेः अगर आप ट्रेन से चुराह वैली आना चाहते हैं, तो आपको पठानकोट तक की ट्रेन टिकट बुक करानी होगी। स्टेशन से बसें और कैब मिल जाएंगी वैली तक के लिए।
वाया रोडः सड़क मार्ग से चुराह वैली आने के लिए सबसे पहले बस से चंबा पहुंचना होगा। चंबा से चुराह के लिए बसें चलती हैं। वैसे कैब का ऑप्शन भी है।
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