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    2600 ईसा पूर्व कैसे बनी दुनिया की सबसे पुरानी पक्की सड़क? हैरान कर देगी मिस्र की इंजीनियरिंग

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 06:00 AM (IST)

    मिस्र की गीजा शहर को जाने वाली 12 किलोमीटर लंबी सड़क दुनिया की सबसे पुरानी पक्की सड़कों में से एक है। ...और पढ़ें

    मिस्र की इस सड़क पर आज भी जिंदा है सदियों पुराना इतिहास (Image Source: AI-Generated)

    मिस्र की इस सड़क पर आज भी जिंदा है सदियों पुराना इतिहास (Image Source: AI-Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी ऐसी सड़क के बारे में सोचा है जो आपको आधुनिक दुनिया की भीड़भाड़ से निकालकर सीधे हजारों साल पुरानी सभ्यता में ले जाए? मिस्र के गीजा शहर की ओर जाने वाला रास्ता बिल्कुल ऐसा ही है।

    यह ऐतिहासिक सड़क नील नदी के पश्चिमी किनारे पर, काहिरा के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह रास्ता यात्रियों को आज के शोर-शराबे वाले काहिरा से दूर, प्राचीन मिस्र के अद्भुत पिरामिडों तक ले जाता है।

    2600 ईसा पूर्व बनी 12 किलोमीटर लंबी सड़क

    आपको जानकर हैरानी होगी कि यह दुनिया की सबसे पुरानी पक्की सड़कों में से एक मानी जाती है। इसका निर्माण लगभग 2600 ईसा पूर्व यानी मिस्र के पुराने साम्राज्य के चौथे राजवंश के समय हुआ था। 4,600 वर्षों से भी अधिक पुरानी यह सड़क करीब 12 किलोमीटर लंबी और 6.5 फीट चौड़ी है। इतने साल बीत जाने के बाद भी यह सड़क प्राचीन मिस्र की बेहतरीन वास्तुकला और शानदार इंजीनियरिंग की कहानी बयां करती है।

    Ancient Egyptian Engineering

    (Image Source: AI-Generated)

    बिना इस सड़क के कभी न बन पाते मिस्र के अजूबे

    आखिर इतनी पुरानी सड़क क्यों बनाई गई थी? दरअसल, प्राचीन काल में पिरामिड और भव्य मंदिर बनाने के लिए बहुत भारी पत्थरों की जरूरत होती थी। ये पत्थर नील नदी के किनारे मौजूद चट्टानी खदानों से निकाले जाते थे। इन भारी-भरकम पत्थरों को खदानों से निर्माण स्थल तक लाने के लिए ही इसी रास्ते का इस्तेमाल किया जाता था। इसी सड़क की बदौलत मिस्र के उन विशाल और ऐतिहासिक पिरामिडों का निर्माण संभव हो पाया, जो आज 4500 सालों से भी ज्यादा पुराने हैं।

    शाही इतिहास का गवाह है मिस्र का यह मार्ग

    यह रास्ता सिर्फ पत्थरों की ढुलाई तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका गहरा सांस्कृतिक महत्व भी है। यह सड़क मानव सभ्यता की एक बहुत बड़ी और महान उपलब्धि का प्रतीक है। पुराने समय में इस सड़क का उपयोग मुख्य रूप से शाही और धार्मिक आयोजनों के लिए किया जाता था। राजाओं के भव्य जुलूस इसी रास्ते से होकर गुजरते थे, जिसके कारण गीजा की इस ऐतिहासिक सड़क को 'प्रोसेशनल वे' (जुलूस का मार्ग) भी कहा जाता है।

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    आज कैसा है इस सड़क का नजारा?

    आज जब यात्री इस रास्ते से गुजरते हैं, तो आसपास का रेगिस्तानी नजारा उन्हें एक अलग ही रोमांच से भर देता है। सफर के दौरान रास्ते में ऊंटों की सवारी और वहां के स्थानीय बाजारों की खूबसूरत झलक भी देखने को मिलती है। वहीं, जब शाम ढलती है, तो सूर्यास्त की सुनहरी रोशनी में पिरामिडों की चमक इस सड़क के सफर को और भी ज्यादा जादुई और यादगार बना देती है।

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