क्यों अलग बेडरूम में शिफ्ट हो रहे हैं कपल्स? आखिर क्यों तेजी से क्यों पॉपुलर हो रहा है स्लीप डिवोर्स
क्या आपने स्लीप डिवोर्स (Sleep Divorce) का नाम सुना है? दरअसल, यह आज के कपल्स के बीच काफी ट्रेंड में है। हालांकि, नाम से यह भले ही थोड़ा नेगेटिव लगता ...और पढ़ें

कपल्स को क्यों पसंद आ रहा है स्लीप डिवोर्स? (Picture Courtesy: Freepik)
HighLights
आजकल लोग स्लीप डिवोर्स को काफी पसंद कर रहे हैं
स्लीप डिवोर्स का मतलब तलाक लेना नहीं होता
इसमें कपल्स एक साथ न सोकर अलग-अलग सोते हैं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल सोशल मीडिया और रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के बीच 'स्लीप डिवोर्स' शब्द (Sleep Divorce Meaning) काफी चर्चा में है। भले ही सुनने में यह शब्द थोड़ा डरावना या नेगेटिव लग सकता है, लेकिन असल में यह कई कपल्स के लिए उनके रिश्ते को बचाने का एक समझदारी भरा फैसला साबित हो रहा है।
जी हां, स्लीप डिवोर्स एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है, जिसके पीछे की मनसा रिश्ते को बचाना होती है। आइए जानें स्लीप डिवोर्स होता क्या है और यह आपके रिश्ते को कैसे प्रभावित (Sleep Divorce Benefits) कर सकता है।
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(Picture Courtesy: Freepik)
स्लीप डिवोर्स क्या है?
स्लीप डिवोर्स का मतलब कानूनी तलाक या अलग होना नहीं है। इसका सीधा सा मतलब है, रात में अलग-अलग बिस्तर या अलग-अलग कमरों में सोना। अक्सर कपल्स इस विकल्प को तब चुनते हैं जब पार्टनर की सोने की आदतों के कारण दूसरे की नींद में खलल पड़ता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे-
- खर्राटे लेना- साथी के तेज खर्राटों की वजह से नींद पूरी न होना।
- नींद का अलग पैटर्न- एक व्यक्ति रात को देर तक जागने वाला हो सकता है और दूसरा जल्दी सोकर उठने वाला।
- बेचैनी- सोते समय बार-बार करवट बदलना या लात मारना।
- तापमान और रोशनी- एसी के तापमान या लाइट को लेकर अलग-अलग पसंद।
रिश्ते पर स्लीप डिवोर्स का क्या असर होता है?
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि अलग सोने से दूरी बढ़ती है, लेकिन इसके कई फायदे हो सकते हैं-
- बेहतर मूड और कम चिड़चिड़ापन- जब आपकी नींद पूरी होती है, तो आपका दिमाग शांत रहता है। नींद की कमी इंसान को गुस्सैल और चिड़चिड़ा बना देती है, जिससे छोटे-छोटे झगड़े बड़े विवादों का रूप ले लेते हैं।
- क्वालिटी टाइम की अहमियत- जब आप साथ नहीं सोते, तो आप जागते समय एक-दूसरे के साथ बिताए जाने वाले समय की ज्यादा कद्र करते हैं।
- स्वास्थ्य में सुधार- अच्छी नींद दिल की बीमारियों, तनाव और मोटापे जैसी समस्याओं को दूर रखती है। एक स्वस्थ व्यक्ति अपने रिश्ते में ज्यादा पॉजिटिव एनर्जी दे पाता है।
स्लीप डिवोर्स के नेगेटिव असर भी हो सकते हैं?
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। अगर इसे सही तरीके से न अपनाया जाए, तो इसके नुकसान भी हो सकते हैं-
खबरें और भी
- इंटिमेसी में कमी- साथ सोने से जो पिलो टॉक और एक-दूसरे के साथ फिजिकल कॉन्टेक्ट का मौका मिलता है, वह कम हो सकता है।
- सोशल प्रेशर- समाज में आज भी अलग सोने को रिश्ते में दरार का संकेत माना जाता है, जिससे कपल्स के मन में गिल्ट पैदा हो सकता है।
- दूरी का बढ़ना- अगर रिश्ते में पहले से ही तनाव है, तो अलग सोना दूरी को और बढ़ा सकता है।
इसे सही तरीके से कैसे अपनाया जाए?
अगर आप और आपके पार्टनर स्लीप डिवोर्स पर विचार कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें-
- खुलकर बात करें- इसे एक सजा के तौर पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के सुधार के तौर पर देखें। पार्टनर को यह महसूस कराएं कि आप उनसे नहीं, बल्कि खराब नींद से दूर भाग रहे हैं।
- समय तय करें- सोने से पहले का कुछ समय, जैसे 30 मिनट, साथ बिताएं, बातें करें या कोई फिल्म देखें। उसके बाद अपने-अपने कमरों में जाएं।
- फ्लेक्सिबिलिटी रखें- जरूरी नहीं कि रोज अलग सोया जाए। आप वीकेंड्स पर साथ सोने का नियम बना सकते हैं।