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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Parenting Tips: क्या बच्चे को समझना आपके लिए हो रहा है मुश्किल, तो उम्र के अनुसार समझें उनकी मन की बातें

    Updated: Sat, 03 Feb 2024 04:33 PM (GMT+05:30)

    माता-पिता बनना एक जिम्मेदारी भरा काम होता है। अपने बच्चे की ख्वाहिश पूरी करने के लिए पेरेंट्स कई चीजें करते हैं। हालांकि अक्सर बच्चों के मन की बातें स ...और पढ़ें

    उम्र के अनुसार समझें अपने बच्चों का बर्ताव
    उम्र के अनुसार समझें अपने बच्चों का बर्ताव

    HighLights

    1. माता-पिता होने बेहद जिम्मेदारी भरा काम होता है।
    2. हालांकि, बच्चों को समझना भी काफी चुनौतीपूर्ण होता है।
    3. ऐसे में जरूरी है कि उम्र के अनुसार अपने बच्चों के मन की बात को समझा जाए।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Parenting Tips: सभी बच्चे अलग होते हैं और सभी का अपना अलग व्यवहार होता है। लेकिन फिर भी जानकारी के अभाव में कुछ पेरेंट्स दूसरों के बच्चों को देख कर अपने बच्चे के विकास के लिए फिक्र करने लगते हैं। लेकिन यहां ये समझना जरूरी है कि कुछ बच्चे सामान्य से माइलस्टोन तक भी देर से पहुंचते हैं। इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है, बस उनके विकास पर नजर रखें और कुछ भी शंका हो, तो परेशान होने की जगह अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    ऐसी ही बच्चों की उम्र के अनुसार उनके कुछ सामान्य से व्यवहार को समझें, जिससे अगर आप पहली बार पैरेंट बने हैं तो बच्चे के समुचित बौद्धिक विकास को आसानी से समझ सकेंगे। आइए जानते हैं कैसे-

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    दो साल के बच्चे

    • प्यार करना चाहते हैं
    • पेरेंट्स के करीब रहना चाहते हैं
    • इन्हें थोड़ी बहुत आजादी चाहिए
    • बॉसी और डिमांडिंग भी हो सकते हैं
    • हर चीज को लेने की और उसे अपना कहने की आदत
    • पेरेंट्स से अलग होने पर रोते हैं
    • किसी एक पेरेंट से विशेष लगाव
    • दूसरों की भावनाओं को समझने का प्रयास शुरू करना

    3 साल के बच्चे

    • ये एनर्जी से भरपूर होते हैं
    • इन्हें और भी आजादी चाहिए होती है
    • इनके नए दोस्त बनते हैं और ये सोशल होना शुरू होते हैं
    • नई-नई चीजें सीखने का शौक होता है
    • इस उम्र तक खूब सारे "क्यों" और अनगिनत सवालों का समय शुरू हो चुका होता है
    • ये अपनी भावनाओं को संयमित करना शुरू कर सकते हैं। हालांकि, ये बात सभी 3 साल के बच्चों पर लागू नहीं हो पाती है।
    • पॉटी ट्रेनिंग लगभग पूरी होने वाली होती है, तो ये टॉयलेट लगने के अहसास को बताने में सक्षम होते हैं।

    4 साल के बच्चे

    • शारीरिक रूप से बहुत ही अधिक सक्रिय होते हैं।
    • बहुत सारे क्यों और क्या से शुरू होते हुए सवाल।
    • ड्राइंग बनाने में दिलचस्पी दिखाई देती है।
    • बेसिक पढ़ना लिखना शुरू करते हैं।
    • उत्सुकता में कई काम खुद करने की कोशिश करेंगे जिसमें से कुछ बातें जानलेवा भी साबित हो सकती हैं, और इस तरह ये आपके धैर्य की परीक्षा ले सकते हैं।
    • कई सारे दोस्त बनाते हैं, क्योंकि अब ये अच्छे से बात करना शुरू कर देते हैं।

    5 साल के बच्चे

    • बहुत ही सक्रिय मोटर कंट्रोल
    • अपना नाम लिखने की कोशिश करेंगे।
    • आपसे बहुत सारी बातें करना चाहेंगे।
    • कई सारे रोल प्ले जैसे गेम खेलेंगे जैसे घर-घर, डॉक्टर-डॉक्टर आदि।
    • सबसे ज्यादा इस बात को शेयर करेंगे कि वो बड़े हो कर क्या बनना चाहते हैं।
    • कलरिंग बुक भरते रहते हैं और अपनी कल्पना से पिक्चर बुक्स बनाना शुरू करते हैं।

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    Picture Courtesy: Freepik