प्यार या टॉक्सिक कंट्रोल? पार्टनर की इन आदतों को भूलकर भी न समझें केयर, तुरंत पहचानें रिश्ते के 'Red Flags'
रिश्ते में प्यार, सम्मान और सुरक्षा की कमी या पार्टनर की टॉक्सिक आदतें रिश्ते को खराब कर सकती हैं।

रिलेशनशिप के रेड फ्लैग्स (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कोई भी रिश्ता हमेशा प्यार, सम्मान और सुरक्षा की भावना पर टिकी होती है। अगर रिश्ते में इनमें से किसी भी चीज की कमी हो, तो उसे निभाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, कई बार अनजाने में हम ऐसे रिश्तों में उलझ जाते हैं, जो हमें इमोशनली तोड़कर रख देते हैं।
अक्सर प्यार में हम सामने वाले व्यक्ति की टॉक्सिक आदतों को इग्नोर करते रहते हैं या उनकी तरफ हमारा ध्यान ही नहीं जाता, लेकिन जितनी जल्दी ऐसे टॉक्सिक रिश्ते बाहर निकला जाए, उतना अच्छा रहेगा। आइए जानें कुछ आदतों के बारे में, जो बताते हैं कि आपका रिश्ता टॉक्सिक हो चुका है।
लगातार नीचा दिखाना
किसी भी हेल्दी रिश्ते में आपका पार्टनर आपकी कमियों को सुधारने में मदद करता है और आपकी अच्छाइयों की तारीफ करता है। अगर पार्टनर लगातार सिर्फ कमियां ही गिनवाने लगे, तो ये एक रेड फ्लैग है। आपके पहनावे, काम या आपकी सोच पर बार-बार कमेंट करना, आपका मजाक उड़ाना या आपकी जीत को छोटा करके दिखाना आपके आत्म-विश्वास को ठेस पहुंचाता है।
कंट्रोल और शक
रिलेशनशिप की शुरुआत में पार्टनर का पजेसिव बिहेवियर प्यार लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे ये कंट्रोल में बदल जाता है। अगर आपके पार्टनर को हमेशा बताना पड़ता है कि आप किससे मिल रहे हैं, क्या बात कर रहे हैं, कहां थे, तो ये एक रेड फ्लैग है। इसकी तरह बात-बात पर शक करना भी एक टॉक्सिक निशानी है। अगर आपका पार्टनर आपको कंट्रोल करने की कोशिश करता है या परिवार या दोस्तों से दूर करने की कोशिश करता है, तो समझ जाएं कि रिश्ते से बाहर निकलने का टाइम आ गया है।
गिल्ट ट्रिपिंग और गैसलाइटिंग
गैसलाइटिंग एक मेंटल गेम है, जिसमें पार्टनर अपनी गलतियों का दोष भी आप पर डाल देता है। जब आप किसी बात पर अपनी असहमति जताते हैं या अपनी कोई बात रखते हैं और वह आपको गलत ठहरा दे या कहे कि आप ज्यादा सोच रहे हैं या नाटक करते हैं, तो ये गैसलाइटिंग हो सकता है। इसी तरह हर झगड़े का दोष आप पर डाला जाए या आपको हमेशा गिल्ट महसूस करवाने की कोशिश करे, तो ये भी रिलेशनशिप का टॉक्सिक ट्रेट है।
एक तरफा कोशिश
किसी भी रिश्ते की गाड़ी दोनों पहियों से चलती है, लेकिन टॉक्सिक रिलेशनशिप में सिर्फ एक इंसान ही सबकुछ संभालने की कोशिश करता है या हर बार वहीं व्यक्ति समझौता करता है। जब केवल आपकी तरफ से प्यार, केयर और सम्मान रहे और सामने वाला केवल नेग्लेक्ट करे, तो यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा।
बाउंड्रीज का सम्मान न करना
हर व्यक्ति का अपना स्पेस और बाउंड्रीज होती हैं। अगर आपका पार्टनर आपकी ना का सम्मान नहीं करता या आपसे बात किए ही सभी साझे फैसले ले लेता है, तो ये एक रेड फ्लैग है।
