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    पढ़ाई में नहीं लगता बच्चों का मन? ध्यान भटकने से रोकने के लिए करें बस 10 छोटे से बदलाव

    By Meenakshi NaiduEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Wed, 12 Nov 2025 05:22 PM (IST)

    बच्चों का पढ़ाई में ध्यान न लग पाना आजकल एक आम समस्या बन गई है, लेकिन अगर पेरेंट्स कुछ सरल और असरदार उपाय अपनाएं, तो यह समस्या आसानी से हल हो सकती है। ...और पढ़ें

    पढ़ाई में बच्चों का मन लगाने के आसान तरीके (Picture Credit- AI Generated)

    पढ़ाई में बच्चों का मन लगाने के आसान तरीके (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. बच्चों के स्टडी एरिया को बनाएं प्रेरणादायक

    2. बच्चों के लिए तय करें छोटे टारगेट

    3. ध्यान भटकाने वाली चीजों से बच्चों को दूर रखें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में बच्चों का ध्यान पढ़ाई में लगाना पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। टेक्नोलॉजी, गैजेट्स, शोरगुल और सोशल मीडिया जैसी चीजों ने उनका फोकस भटकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

    ऐसे में पेरेंट्स की जिम्मेदारी बनती है कि वे एक ऐसा एटमॉस्फियर बनाएं जो पढ़ाई के प्रति बच्चों की रुचि बनाए रखे। सिर्फ डांटने या टोकने से कुछ नहीं होता, बल्कि पेशेंस और क्रिएटिविटी से काम लेने की जरूरत होती है। यहां कुछ असरदार उपायों की जानकारी दी गई है जो बच्चों को पढ़ाई में मन लगाने और उनका ध्यान केंद्रित रखने में मदद करेंगे। तो आइए जानते हैं इनके बारे में- 

    स्टडी एरिया को सिर्फ एक कोना न बनाएं

    बच्चों का स्टडी एरिया ऐसा न हो जो सिर्फ एक टेबल और कुर्सी तक सीमित हो। इसे थोड़ी क्रिएटिविटी और रंगों से सजाएं जिससे वह प्रेरणादायक लगे।

    सीखने में हेल्पफुल चीजों को शामिल करें

    स्टडी स्पेस में एजुकेशनल चार्ट्स, मैप्स, मोटिवेशनल कोट्स, टाइमटेबल आदि लगाएं जिससे उनका मन बार-बार पढ़ाई की तरफ अट्रैक्ट हो।

    छोटे लक्ष्य तय करें और उन्हें पूरा करने पर सराहें

    बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान बनाने के लिए छोटे-छोटे टारगेट बनाएं और उन्हें पूरा करने पर तारीफ करें। इससे उनका सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ता है।

    ब्रेक देना न भूलें

    लगातार पढ़ाई से बच्चों का दिमाग थक सकता है। हर 30-40 मिनट की पढ़ाई के बाद 5-10 मिनट का ब्रेक उन्हें तरोताजा कर देता है।

    नियम से नहीं कहानी से अव्यवस्था दूर करें

    अगर बच्चे चीजें इधर-उधर फैलाते हैं, तो उन्हें डांटने की बजाय कहानी या गेम के माध्यम से उन्हें सिखाएं कि हर चीज को उसकी जगह पर रखना क्यों जरूरी है।

    इमोशन सपोर्ट जरूर करें

    अगर बच्चा किसी सब्जेक्ट में कमजोर है या पढ़ाई से डर रहा है, तो उसे भावनात्मक रूप से समझाएं और सहारा दें। ये उनका सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाएगा।

    खुलकर बात करें

    बच्चों से रोज पढ़ाई, स्कूल या दोस्तों के बारे में बातचीत करें। इससे वे अपने मन की बात शेयर करेंगे और मानसिक रूप से हल्का महसूस करेंगे।

    रोशनी और वेंटिलेशन का ध्यान रखें

    पढ़ाई का स्थान हवादार और अच्छी रोशनी वाला होना चाहिए जिससे आंखों और मन को रिलैक्स फील हो और ध्यान केंद्रित रहे।

    खेल और योग शामिल करें

    बच्चों के रूटीन में थोड़ी फिजिकल एक्टिविटी या योग को शामिल करें, जिससे उनका माइंड एक्टिव और स्ट्रेस फ्री बना रहे।

    ध्यान भटकाने वाली चीजें दूर करें

    पढ़ाई के दौरान मोबाइल, टीवी, वीडियो गेम या अन्य ध्यान भटकाने वाले साधनों को दूर रखें जिससे पूरा ध्यान पढ़ाई पर ही केंद्रित रहे।

    इन उपायों को अपनाकर आप बच्चों को एक ऐसा वातावरण दे सकते हैं, जो उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा।

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