मई में नजर आएंगे Flower Moon और Blue Moon; आसमान में एक साथ कतार में दिखेंगे बुध, शुक्र और बृहस्पति
मई के महीने में दो पूर्णिमा आएंगे। 31 मई को होने वाला पूर्ण माइक्रो मून पूर्ण सुपरमून से 12- 14 प्रतिशत छोटा होगा।
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मई के आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा! (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। खगोलीय घटनाओं के संदर्भ में मई का महीना विशेष महत्व रखता है। इस दौरान दो दुर्लभ खगोलीय घटनाएं हो रही हैं। इस महीने दो पूर्णिमा की रातें होंगी, जो कि दो-तीन वर्ष के अंतराल पर होती हैं। यह वसंत के चरम और नई शुरुआत का प्रतीक है। पहली पूर्णिमा एक मई को होगी, जिसे फ्लावर मून कहा जाता है।
मई में दिखेंगे ब्लू मून और फ्लावर मून
दूसरी पूर्णिमा 31 मई की रात को होगी, जिसे ब्लू मून के नाम से जाना जाता है। यह वर्ष 2026 का माइक्रो मून है, जो तब होता है जब पूर्ण चंद्रमा पृथ्वी से सबसे अधिक दूर होता है। पूर्ण माइक्रो मून, पूर्ण सुपर मून की तुलना में लगभग 12-14 प्रतिशत छोटा दिखाई देता है। इसे 16 कलाओं वाले चंद्रमा के में शुभ और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
खगोलीय विज्ञानियों ने मई की पूर्णिमा के चंद्रमा को विभिन्न नाम दिए हैं। इसे कलियों वाला या पत्ते निकलने वाला चांद कहा जाता है, जो पौधों की प्राकृतिक प्रक्रिया का प्रतीक है। इसे जानवरों के व्यवहार से भी जोड़ा जाता है। अमेरिका के उत्तरी मैदानी इलाकों की डकोटा और लकोटा जनजातियां इसे बोआई वाला चांद मानती थीं। ओगलाला जनजाति इसे पोनी के बाल झड़ने वाला चांद कहती थी।
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(AI Generated Image)
खगोल विज्ञानियों ने मई की पूर्णिमा जवाहर तारामंडल की विज्ञानी सुरूर फातिमा के अनुसार, उत्तरी गोलार्ध में मई में गर्मी के कारण चंद्रमा के उपनामों का चयन किया गया है। जैसे मई में फ्लावर मून, जून में स्ट्राबेरी मून और जुलाई में बग मून होते हैं। नामकरण की शुरुआत पूर्वी कनाडा के अल्गोक्विन लोगों ने की थी, जिसे बाद में यूरोपीय प्रवासियों ने अपनाया।
जोनाथन कार्वर ने अपनी पुस्तक ' ट्रैवल्स थ्रू द इंटीरियर पार्ट्स आफ नार्थं अमेरिका' में मई महीने को फूलों का महीना कहा, जिससे चंद्रमा फ्लावर मून के नाम से प्रसिद्ध हुआ । जब एक महीने में दो पूर्णिमा होती है, तो दूसरी को ब्लू मून कहा जाता है। इस बार ब्लू मून पूर्व दिशा में वृश्चिक तारामंडल के चमकीले तारे एंटारेस के पास दिखाई देगा।
कतार में होंगे बुध, शुक्र और बृहस्पति
मई में उल्कापिंड एटा एक्वेरिड भी देखे जा सकेंगे। इसके लिए सबसे अच्छा समय पांच मई की भोर से ठीक पहले का होगा । चार, पांच, छह और 15 से 27 मई के बीच यह उल्का वर्षा होगी। मई के मध्य में अर्थात 15-16 को ग्रहों की परेड होगी, जिसमें बुध, शुक्र और वृहस्पति एक साथ शाम के समय दिखाई देंगे। 13 मई को चंद्रमा, शनि के निकट, 15 को मंगल ग्रह, 17 को बुध, 19 को शुक्र और 20 को बृहस्पति ग्रह के करीब रहेगा।
