वर्कआउट का जोश कुछ ही दिनों में हो जाता है ठंडा? अपनी पर्सनैलिटी के हिसाब से चुनें सही एक्सरसाइज
ब्रिटेन के एक शोध के अनुसार, वर्कआउट रूटीन में बोरियत की वजह पर्सनैलिटी से मेल न खाना हो सकता है। ...और पढ़ें

क्या जिम जाकर जल्दी बोर हो जाते हैं आप? जानिए पर्सनैलिटी के हिसाब से कौन-सा वर्कआउट है आपके लिए सही (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी उन लोगों में से हैं, जिन्होंने कभी न कभी पूरे जोश में आकर वर्कआउट रूटीन शुरू तो किया, लेकिन कुछ ही दिनों में वह जोश ठंडा पड़ गया।
बता दें, ऐसा इसलिए नहीं है कि आपमें विल पावर की कमी है। ब्रिटेन में हुए एक नए शोध के मुताबिक, इसकी असली वजह यह है कि आप शायद वह वर्कआउट कर रहे हैं जो आपकी पर्सनैलिटी से मेल ही नहीं खाता।
किसी और के लिए जो एक्सरसाइज एकदम 'परफेक्ट' हो सकती है, वही आपके लिए एक उबाऊ काम बन सकती है। आइए जानते हैं कि विज्ञान के नजरिए से आपको अपनी पर्सनैलिटी के हिसाब से कैसे फिट रहना चाहिए।

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क्या कहती है रिसर्च?
यूके के शोधकर्ताओं ने 100 से ज्यादा लोगों पर एक बेहद दिलचस्प अध्ययन किया। उन्होंने इन लोगों के तनाव के स्तर और उनके व्यक्तित्व के पांच मुख्य पहलुओं को परखा। इसके बाद, सभी का फिटनेस टेस्ट हुआ, जिसमें साइकिलिंग, प्लैंक्स और पुशअप्स शामिल थे।
इन लोगों को 8 हफ्तों का एक फिटनेस प्रोग्राम दिया गया। रिसर्च के नतीजे काफी चौंकाने वाले थे। इसमें खुलासा हुआ कि आपके स्वभाव का सीधा असर इस बात पर पड़ता है कि आपको कौन-सी एक्सरसाइज पसंद आएगी और आप उसे कितनी लगन से करेंगे।
आपकी पर्सनैलिटी के अनुसार आपके लिए कौन-सा वर्कआउट है सही?
स्टडी के आधार पर शोधकर्ताओं ने लोगों को उनके स्वभाव के अनुसार बेहतरीन वर्कआउट के सुझाव दिए हैं:
जोश से भरे और मिलनसार लोग
इस श्रेणी के लोगों की एरोबिक फिटनेस काफी अच्छी थी। अगर आप लोगों से मिलना-जुलना पसंद करते हैं और आपमें एनर्जी की कमी नहीं है, तो आपके लिए ग्रुप क्लासेस, टीम स्पोर्ट्स, रनिंग क्लब और छोटे लेकिन तेज वर्कआउट सबसे बेहतरीन रहेंगे।
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पक्के इरादे वाले और अनुशासित लोग
ऐसे लोग जो अनुशासन पसंद करते हैं, वे पहले से ही अपनी फिटनेस को लेकर काफी एक्टिव थे। उनका बॉडी फैट कम था और वे ज्यादा पुशअप्स और प्लैंक्स कर पाते थे। अगर आप लक्ष्य बनाकर काम करना पसंद करते हैं, तो आपको मैराथन की ट्रेनिंग, प्रोग्रेसिव स्ट्रेंथ प्रोग्राम या लंबे समय तक चलने वाले फिटनेस चैलेंज का हिस्सा बनना चाहिए। आप एक तय रूटीन को बहुत अच्छे से फॉलो कर सकते हैं।
बहुत ज्यादा सोचने या तनाव लेने वाले लोग
जो लोग ज्यादा चिंता करते हैं, एक्सरसाइज के बाद उनके शरीर की धड़कन को सामान्य होने में ज्यादा समय लगता है। इन लोगों को हल्की या लंबी साइकिलिंग बिल्कुल पसंद नहीं आई। इसके साथ ही, इस ग्रुप के लोग अपनी हार्ट रेट का डेटा रिकॉर्ड करने में भी पीछे रहे।
आपको लंबी एक्सरसाइज से बचना चाहिए, क्योंकि लंबे वर्कआउट के दौरान इंसान को खाली समय मिलता है, जिसमें नेगेटिव ख्याल आने लगते हैं। आपके लिए शार्ट और इंटेंस वर्कआउट सबसे शानदार हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस रिसर्च में केवल इसी ग्रुप के लोगों ने बताया कि रेगुलर एक्सरसाइज करने से उनका तनाव और चिंता काफी कम हो गई।
नई चीजें आजमाने वाले शांत लोग
इस ग्रुप के लोग रिसर्च खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा अपना फाइनल टेस्ट देने वापस लौटे। इन्हें हल्की और आरामदायक एक्सरसाइज में बहुत मजा आया। आपको अलग-अलग तरह के रूटीन, नई फिटनेस क्लासेस, लंबी सैर या आराम से साइकिल चलाना पसंद आएगा। अपनी कसरत में बदलाव करते रहने से आपकी दिलचस्पी बनी रहेगी।

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नहीं पसंद एक्सरसाइज, तो क्या करें?
शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर आप 'मुझे एक्सरसाइज पसंद नहीं' वाले ग्रुप में आते हैं, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। किसी भी भारी-भरकम रूटीन को अपनाने के बजाय, अपने दिनभर के कामों में ही फिजिकल एक्टिविटीज को शामिल करें:
- हर आधे घंटे में उठकर थोड़ा टहल लें।
- लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का चुनाव करें।
- घर का या बाहर का सामान एक साथ ढोने के बजाय, छोटी-छोटी मात्रा में लाएं ताकि आपको ज्यादा बार चलना पड़े।
- घर की सफाई करते समय अपना पसंदीदा गाना लगाएं और थोड़ा डांस कर लें।
क्या है सबसे बड़ी सीख?
इस 8 हफ्ते के प्रोग्राम का सबसे शानदार नतीजा यह रहा कि चाहे किसी इंसान की पर्सनैलिटी कोई भी हो, जिसने भी रूटीन फॉलो किया, उसकी फिटनेस में सुधार हुआ।