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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    World Polio Day 2023: क्या है पोलियो की बीमारी, लक्षणों के साथ जानें बचाव का तरीका

    By Swati SharmaEdited By: Swati Sharma
    Updated: Tue, 24 Oct 2023 07:11 AM (IST)

    हर साल 24 अक्टूबर को वर्ल्ड पोलियो डे मनाया जाता है। पोलियो एक गंभीर बीमारी है जिससे ज्यादातर 5 साल से कम उम्र के बच्चे संक्रमित होते हैं। इसलिए पोलिय ...और पढ़ें

    वर्ल्ड पोलियो डे 2023 पर जानें क्या है पोलियो और कैसे हो सकता है इसका संक्रमण
    वर्ल्ड पोलियो डे 2023 पर जानें क्या है पोलियो और कैसे हो सकता है इसका संक्रमण

    HighLights

    1. हर साल 24 अक्टूबर को वर्ल्ड पोलियो डे मनाया जाता है।
    2. इस दिन पोलियो वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाई जाती है।
    3. जानें क्या होते हैं पोलियो के लक्षण और बचाव का तरीका।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। World Polio Day 2023: हर साल 23 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day) मनाया जाता है। इस दिन पोलियो वैक्सिनेशन के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने की कोशिश की जाती है। इस दिन पोलियो को जड़ से मिटाने के लिए दुनिया भर में पोलियो के खिलाफ कैम्पेन चलाए जाते हैं। आइए जानते हैं पोलियो से जुड़ी सभी जरूरी बातें।

    क्या है वर्ल्ड पोलियो डे का इतिहास?

    वर्ल्ड पोलियो डे की शुरुआत रोटरी इंटरनेशनल ने की थी। इस दिन को जोनास साल्क के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाता है। जोनास साल्क ने पोलियो की वैक्सीन खोजने वाली पहली टीम को लीड किया था। 1988 में वर्ल्ड हेल्थ एसेंबली ने पोलियो को दुनिया के सभी देशों से खत्म करने का मिशन शुरू किया। इस मिशन के जरिए बच्चों को इस भयंकर बीमारी से बचाने के लिए सभी बच्चों को वैक्सीन देने पर जोर दिया गया। वर्ल्ड पोलियो डे इसी पहल का हिस्सा है।

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    क्या है इसका महत्व?

    पोलियो एक भयंकर बीमारी है, जिससे संक्रमित होने पर पैरालिसिस होने तक की संभावना भी होती है। यह ज्यादातर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को होता है, इसलिए बच्चों को सभी वैक्सीन वक्त पर लगाने बेहद जरूरी होते हैं। इस दिन पैरेन्ट्स जो बच्चों को पोलियो वैक्सीन वक्त पर लगवाते हैं और सभी हेल्थ केयर वर्कर्स की सराहना की जाती है। भारत 2014 में पोलियो मुक्त देश बना।

    क्या है पोलियो?

    पोलिया को पोलियोमाइलाइटिस के नाम से भी जाना जाता है। यह पोलियो वायरस से संक्रमित होने की वजह से होता है, जो स्पाइनल कॉर्ड की नसों को प्रभावित करता है। इस वजह से पैरालिसिस या मृत्यु भी हो सकती है। क्लैवरलैंड क्लीनिक के अनुसार, पोलियो वायरस पहले आपके गले को इन्फेक्ट करता है और फिर आपकी आंतो को। इस वजह से फ्लू जैसे लक्षण देखने मिलते हैं। इसके बाद यह इन्फेक्शन आपके दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड को प्रभावित करता है। यह एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैल सकता है।

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    Polio

    कैसे फैलता है पोलियो?

    • टॉयलेट जाने के बाद हाथों को अच्छे से न धोना
    • गंदा पानी पीना या उसमें खाना बनाना
    • संक्रमित व्यक्ति के थूक, लार या मल के संपर्क में आना
    • गंदे पानी में तैरने से
    • गंदा खाना खाने से

    इसके लक्षण क्या होते हैं?

    • गले में खराश
    • बुखार
    • सिर दर्द
    • पेट दर्द
    • उल्टी
    • डायरिया
    • थकावट
    • गर्दन और पीठ में अकड़न
    • मांसपेशियों में दर्द
    • पैरों या हाथों को हिलाने में तकलीफ
    • पैरालिसिस

    क्या है बचाव का तरीका?

    पोलियो से बचाव का एक मात्र तरीका उसकी वैक्सीन है। भारत में ओरल पोलियो वैक्सीन दी जाती है। पोलियो ड्रॉप्स हर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को पिलाई जाती हैं।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    Picture Courtesy: Freepik