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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्‍या आप भी IVF से जुड़े इन 5 म‍िथकों पर करते हैं भरोसा? डॉक्‍टर ने बताया इसके पीछे का सच

    Updated: Thu, 24 Jul 2025 06:01 PM (IST)

    आजकल की खराब लाइफस्‍टाइनल के कारण इनफर्टिलिटी की समस्या देखने को मि‍ल रही है। इससे माता-पिता बनने में दिक्कतें आती हैं। आईवीएफ (IVF) तकनीक ऐसे जोड़ों ...और पढ़ें

    क्‍या हैं IVF से जुड़े म‍िथक? (Image Credit- Freepik)
    क्‍या हैं IVF से जुड़े म‍िथक? (Image Credit- Freepik)

    HighLights

    1. हर साल 25 जुलाई को World IVF Day मनाया जाता है।
    2. IVF के जर‍िये कपल्‍स काे पेरेन्ट्स बनने का सुख म‍िल रहा है।
    3. IVF से जुड़े कई म‍िथकों के बारे में आपको जानना चाह‍िए।

    लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई द‍िल्‍ली। आज के समय में लोगों का लाइफस्‍टाइल पूरी तरह से बदल चुका है। इससे लाेगाें की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। एक ओर जहां मोटापा, डायब‍िटीज और द‍िल की बीमार‍ियों का खतरा बढ़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर इनफर्टिल‍िटी की समस्‍या भी देखने को म‍िल रही है। इनफर्टिलिटी के कारण माता-पिता बनने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    आज टेक्‍नोलॉजी काफी ज्‍यादा आगे बढ़ गई है। उन्‍हीं में से एक आईवीएफ (IVF) है। ये कपल्‍स को माता-प‍िता बनने का सुख देने में वरदान साबित हुआ है। आईवीएफ की मदद से कपल्स मां-बाप बन पा रहे हैं। हालांक‍ि, अभी भी कई लोग ऐसे हैं जो इस टेक्‍नोलॉजी का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसकी वजह जानकारी की कमी है। दरअसल IVF से जुड़े ऐसे कई म‍िथक हैं ज‍िन पर लोगों ने भरोसा कर ल‍िया है।

    IVF के बारे में लोगों को जागरुक करने के ल‍िए हर साल 25 जुलाई को World IVF Day 2025 मनाया जाता है। इस मौके पर हमने डॉक्‍टर काजल स‍िंह (एसोस‍िएट प्रोफेसर, ऑब्‍सटेट्र‍िक्‍स एंड गायनेकोलॉजी ड‍िपार्टमेंट, NIIMS मेड‍िकल कॉलेज एंड हॉस्‍प‍िटल) से खास बातचीत की। उन्‍होंने आईवीएफ से जुड़े मिथकों और उनकी सच्चाई बताई है। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से -

    मिथक 1: IVF हमेशा 100% सफल होता है।

    सच्चाई: ये बात सही नहीं है। आईवीएफ की सफलता महिला की उम्र, सेहत, eggs और Sperm की क्‍वाल‍िटी पर निर्भर करती है। हर मरीज का मामला अलग होता है और सफलता की दर भी अलग हो सकती है।

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    मिथक 2: आईवीएफ से पैदा हुए बच्चे सामान्य नहीं होते।

    सच्चाई: ये पूरी तरह गलत है। आईवीएफ से जन्में बच्चे भी बाकी बच्चों की तरह पूरी तरह हेल्‍दी होते हैं। ये तरीका सिर्फ pregnancy में मदद करता है, बच्चे की सेहत पर कोई बुरा असर नहीं डालता है।

    मिथक 3: आईवीएफ केवल अमीर लोगों के लिए है।

    सच्चाई: पहले ये तरीका महंगा था, लेकिन अब कई अस्पताल और क्लीनिक कम कीमत पर इलाज कर रहे हैं। कुछ राज्यों में सरकार भी मदद देती है।

    मिथक 4: IVF में बहुत दर्द होता है। ये बहुत मुश्किल तरीका है।

    सच्चाई: आईवीएफ डॉक्टरों की देखरेख में किया जाता है। ज्‍यादातर मामलों में इसमें बहुत कम या कोई दर्द नहीं होता है। आजकल की नई टेक्‍नोलॉजी से ये तरीका आसान और सुरक्षित हो गया है।

    मिथक 5: IVF से हमेशा जुड़वां या ज्यादा बच्चे होते हैं।

    सच्चाई: ये पूरी तरह कपल्‍स और डॉक्टर के फैसले पर निर्भर करता है। अगर एक ही बच्चा चाहिए, तो वही Embryo डाला जा सकता है।

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    डॉक्‍टर काजल ने बताया क‍ि IVF एक सुरक्षित और साइंट‍िफ‍िक तरीका है, जो उन कपल्‍स के लिए मददगार है जो बच्‍चे की चाहत रखते हैं। जरूरी है कि लोग इससे जुड़ी गलतफहमियों को दूर करें और सही जानकारी पाकर इसका फायदा उठा सकें।

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